जागरण संवाददाता, एटा : बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाए जाने के बाद उन्होंने इस पर आपत्ति जताई है।
परीक्षा ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्र संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा है कि विभाग से संगठन यह जानना चाहता है कि यदि उन्हें अयोग्य माना जाता है तो फिर अन्य शिक्षकों की तरह बोर्ड परीक्षा में उनसे कार्य क्यों कराया जा रहा है। पिछले एक साल से बकाया एरियर तथा चार-पांच माह का मानदेय अब तक जारी नहीं कराया जा सका। फिर भी परीक्षा जैसे कार्य के लिए उनकी ड्यूटी लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी एसके राजपूत ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि शिक्षामित्रों से ऐसा कोई दबाव न बनाया जाए, जिससे विपरीत हालात पैदा हों।
ड्यूटी लगने के बाद शिक्षामित्र उसे पूरा करने में असमर्थ हैं। फिर भी उन पर दबाव बनाकर अधिकारी कार्य करा रहे हैं। संगठन ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की आड़ में उत्पीड़न, शोषण का विरोध किया जाएगा। पहले विभाग उनके एरियर व मानदेय का भुगतान कराए। बैठक में विरोध जताने वालों में हरिओम प्रजापति, मनोज यादव, मोहम्मद ईशाक, सुनील चौहान, ओमेंद्र कुशवाह, राजेश कुमार, अनिल कुमार आदि संगठन के पदाधिकारी प्रमुख हैं।
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