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शिक्षा प्रेरक में आया उबाल तो शासन प्रशासन को दे दिया अल्टीमेटम

कानपुर देहात. शिक्षामित्रों के आंदोलन के बाद प्रेरको ने भी समायोजन व शेष मानदेय देने की गुहार लगाते हुए शासन से बीते दिनों मांग की थी। इसके बाद भी प्रेरकों ने कई बार प्रदर्शन किया लेकिन प्रदेश सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। जिसके बाद प्रेरकों का गुस्सा उबाल मार गया है। इसी के तहत शिक्षा प्रेरको ने
समायोजन व अवशेष मानदेय न मिलने पर जिला कानपुर देहात के मुख्यालय माती पर एक दिवसीय धरना दिया और जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार के नाम एक ज्ञापन भेजा है। वहीं गुस्साए प्रेरकों ने एक सप्ताह में मांग पूरी न होने पर सरकार व प्रशासन को धमकी भी दी है। वही जनपद के अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन शासन को भेजा है।
जनपद के समस्त साक्षर भारत मिशन के शिक्षा प्रेरको ने जिला मुख्यालय माती पर एक दिवसीय धरना दिया और केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार पर लापरवाही व हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के सभी साक्षर भारत मिशन के शिक्षा प्रेरको को कई माह का मानदेय नहीं मिल रहा है। प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश कुमार ने कहा कि प्रेरको को प्रति माह 2000 रुपये मानदेय दिया जाता था। दिसम्बर माह से सरकार ने हम लोगों का चयन कैंसिल कर दिया है। जबकि सरकार द्वारा हम लोगों का 25 माह का मानदेय नहीं दिया गया है। मिलने के कारण साक्षर भारत मिशन के शिक्षा प्रेरको के परिवार का भरण पोषण होना मुश्किल हो गया है। जबकि प्रेरक नियमित अपने कर्तव्यों का पालन कर शासन के अनरूप मानक पर खरे उतर रहे है।


सरकार के द्वारा प्रेरको को कई माह का वेतन नहीं दिया गया है। मानदेय न मिलने की वजह से प्रेरको के परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए है। धरने पर बैठे आक्रोशित प्रेरको ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि सभी प्रेरको का पुन समायोजन किया जाए और अवशेष मानदेय दिया जाय। मांगे पूरी न होने के एवज में प्रेरको ने शासन प्रशासन से कहा कि अगर मांगे पूरी न हुई तो प्रेरक आमरण अनशन पर बैठेंगे और भूखे प्यासे ही आत्महत्या कर लेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी। इसके बाद प्रेरको ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन भेजा है। जिसमें उन्होंने अपनी मांगे अंकित की है।
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