Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

आदेश से सरकार खुश न अभ्यर्थी, हाईकोर्ट ने टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को हटाकर रिजल्ट देने का दिया आदेश, इन सवालों को लेकर फंसी परीक्षा:10 फीसदी प्रश्नों के हटने से रिजल्ट में होगा बड़ा बदलाव

आदेश से सरकार खुश न अभ्यर्थी, हाईकोर्ट ने टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को हटाकर रिजल्ट देने का दिया आदेश
इलाहाबाद : यूपी टीईटी 2017 के विवादित प्रश्नों को लेकर ऐसा फंसा है कि इससे न सरकार खुश है और न ही अभ्यर्थी।
जहां सरकार शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा टलने से आहत है, वहीं अभ्यर्थी टीईटी के 14 प्रश्न हटने से बेहद निराश हैं। क्योंकि जिस उद्देश्य से वे हाईकोर्ट गए थे, वह परीक्षा के दस फीसदी प्रश्न हटने से उत्तीर्ण नहीं हो सकेंगे। छह मार्च का कोर्ट का आदेश लागू होने पर टीईटी प्राथमिक स्तर परीक्षा के परिणाम में बड़ा उलटफेर होगा। जिसमें हजारों अभ्यर्थी और बाहर हो जाएंगे। इससे दोनों ओर खलबली मची है।

यूपी टीईटी 2017 की प्राथमिक स्तर में 47 हजार 975 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे, ये रिजल्ट 17.34 फीसदी रहा है। इसमें कुछ अंकों से अनुत्तीर्ण हुए रिजवान अहमद व 316 अन्य ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में टीईटी की उत्तरकुंजी को चुनौती दी और 14 प्रश्नों के जवाब दुरुस्त करने की मांग की। 22 नवंबर को हाईकोर्ट ने प्रश्नों के उत्तर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। यहां तक सब ठीक रहा लेकिन, छह मार्च को एकल बेंच ने 14 प्रश्नों को हटाकर परीक्षा परिणाम एक माह में जारी करने का निर्देश दिया। इससे याची सदमे में हैं, क्योंकि इतने प्रश्न डिलीट होने से उनके अंक और घट रहे हैं। साथ ही जो अन्य अभ्यर्थी मामूली अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण हो चुके हैं, वह भी हजारों की तादाद में बाहर हो जाएंगे। ज्ञात हो कि परीक्षा में 150 सवाल पूछे गए थे, उसमें 14 प्रश्न करीब दस फीसद होते हैं। ये सभी हटने से परीक्षा परिणाम 17 फीसदी से घटकर काफी नीचे आ जाएगा।

याची अभ्यर्थियों की दोहरी परेशानी: टीईटी के विवादित प्रश्नों को चुनौती देने वाले याची अभ्यर्थी दोहरी परेशानी में हैं। पहली वह खुद सफल नहीं हो रहे और दूसरी हजारों अन्य अभ्यर्थी भी कोर्ट के आदेश से असफल हो रहे हैं। इससे वे उनके निशाने पर आ गए हैं, याचियों का साथी ही विरोध करने लगे हैं। माना जा रहा है अगले महीनों में बदला परिणाम जारी होने से विरोध और तेज होगा। 1याची डबल बेंच में करेंगे प्रार्थना : याची आकाश पटेल बताते हैं कि वह सिंगल बेंच के 14 प्रश्न डिलीट करने के निर्णय से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं लेकिन, अब तक इसलिए चुप रहे हैं, क्योंकि कोर्ट के आदेश से शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा टल रही है, वरना परीक्षा हो जाने से अवसर खत्म हो जाता। आकाश ने बताया कि वह व अन्य याची खुद ही इस आदेश के विरुद्ध डबल बेंच में जाने वाले थे लेकिन, इसके पहले ही सरकार लिखित परीक्षा कराने के लिए विशेष अपील में आ गई। अब सोमवार को याची डबल बेंच में प्रार्थना करेंगे कि प्रश्नों को डिलीट न किया जाए, बल्कि उनके सही जवाब का मूल्यांकन हो।



  • हाईकोर्ट ने टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को हटाकर रिजल्ट देने का दिया निर्देश
  • दस फीसदी सवाल करेंगे परिणाम में बड़ा उलटफेर, याची भी नहीं होंगे अर्ह


अंतिम निर्णय के बिना बांटे गए प्रमाणपत्र
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी टीईटी 2017 का परीक्षा परिणाम 15 दिसंबर को उस समय जारी हुआ, जब सुनवाई हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ लंबित थी। हालांकि महकमे ने रिजल्ट कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन सूचना के साथ जारी किया। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र छपवाकर जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थानों यानी डायट में भेज दिए गए। कई जिलों में उनका वितरण भी शुरू हो गया। छह मार्च को कोर्ट के एकल बेंच के सख्त आदेश के बाद प्रमाणपत्र वितरण रुकवाया गया। इस पर अफसरों का तर्क है कि शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में यह निर्देश दिया गया था कि अभ्यर्थी टीईटी या फिर डीएलएड आदि प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र लेकर आएं, तभी वह इम्तिहान दे सकेंगे।

इन प्रश्नों को लेकर फंसी परीक्षा :
याची अभ्यर्थियों का दावा है कि टीईटी 2017 में पर्यावरण अध्ययन विषय की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों में से चार प्रश्न ऐसे थे जो संविधान या इंटरनेशनल अफेयर्स से पूछे गए। कोर्ट ने जिन प्रश्नों को हटाने को कहा है, उनमें प्रश्नपत्र बुकलेट ‘सी’ के 8 प्रश्न जिनके क्रमांक 16, 18, 26, 32, 123, 126, 131 व 146 हैं। संस्कृत विषय के दो प्रश्न क्रमांक 61 व 80 और पर्यावरण अध्ययन के चार प्रश्न 121, 133, 140 व 150 शामिल हैं।

सरकार को नहीं मिली राहत
विसं, लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा सहायक शिक्षा भर्ती परीक्षा को टालने के आदेश पर राज्य सरकार को राहत नहीं दी। कोर्ट ने छह मार्च के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए, स्पष्ट किया है कि 12 मार्च से मामले की त्वरित सुनवाई की जाएगी। यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस विवेक चौधरी की बेंच ने राज्य सरकार की विशेष याचिका पर दिया।




sponsored links:

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news