इलाहाबाद : पीसीएस परीक्षाओं के टॉप-10 चयनितों में व्यापक गड़बड़ी का
सीबीआइ को पता चला है। उप्र लोकसेवा आयोग की ओर से कराई गई पीसीएस 2011 से
पीसीएस 2015 तक के परिणाम में कई अभ्यर्थियों को स्केलिंग के अलावा
साक्षात्कार में भी मिले नंबरों पर सीबीआइ ने संदेह जताया है।
ऐसे चयनितों
के अलावा उन्हें बढ़ा चढ़ाकर नंबर देने वालों से भी पूछताछ की तैयारी
है।1पांच साल में हुई सभी भर्तियों की जांच कर रही सीबीआइ प्रारंभिक जांच
प्रक्रिया में पीसीएस और समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा
2013 के डाटा खंगाल रही है। पीसीएस 2015 में सबसे अधिक गड़बड़ी की बात पता
चली है लेकिन, जांच पीसीएस 2011 से लेकर 2015 तक की हो रही है।1 इस दौरान
ही आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव समेत समिति के सदस्यों पर मनमाने
तरीके से आरक्षण लागू करने, लिखित परीक्षा के नंबरों की स्केलिंग में
मनमानी और साक्षात्कार बोर्ड के गठन से लेकर उसमें मिलने वाले नंबर नियमों
के विपरीत जाकर तय करने के गंभीर आरोप प्रतियोगियों की ओर से लगाए गए हैं।
1सीबीआइ ने पाया है कि चहेतों को स्केलिंग व साक्षात्कार में अप्रत्याशित
नंबर दे दिए। सीबीआइ अधिकारी इनमें कुछ चयनितों से जल्दी ही पूछताछ कर सकते
हैं, जबकि सुबूत पुख्ता होने पर सीबीआइ के शिकंजे में वह भी आ सकते हैं,
जिनकी मौजूदगी में रेवड़ी की तरह पीसीएस के नंबर बंटे।
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