इलाहाबाद: माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड के पुनर्गठन की प्रदेश शासन में
तैयारी होने पर अभ्यर्थियों की बांछें खिल उठी हैं। बोर्ड का गठन होने पर
एक साल से रुकी कई भर्ती परीक्षाओं और पूर्व में हो चुकी परीक्षा के परिणाम
जारी होने से करीब 13 हजार पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा।
उधर,
शासन से एक दो दिनों में बोर्ड के गठन की उम्मीद लगाई जा रही है तो इधर
अभ्यर्थियों ने भी आंदोलन की जीत पर जश्न मनाने की तैयारी है। 1चयन बोर्ड
भंग रहने से पीजीटी 2013 का अंतिम परिणाम लटका है। तो वहीं प्रधानाचार्य
भर्ती 2011 की परीक्षा और टीजीटी-पीजीटी 2016 की परीक्षा लंबित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से 2013 की परीक्षा के इतिहास विषय में 60 पदों पर
प्रवक्ता का परिणाम जारी करने का आदेश पूर्व में ही हो चुका है लेकिन,
बोर्ड भंग रहने से अभी यह परिणाम जारी नहीं हो सका है। गौरतलब है कि सेवा
चयन बोर्ड को योगी सरकार ने सितंबर 2017 में यह कहते हुए भंग कर दिया था कि
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और सेवा बोर्ड को मर्ज कर एक नया आयोग गठित किया
जाएगा। इसके बाद ही एक-एक कर सदस्यों और अध्यक्ष ने इस्तीफा सौंप दिया था।
काफी दिनों तक नया आयोग गठित न होने से अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट
गया और चयन बोर्ड कार्यालय इलाहाबाद में आंदोलन शुरू कर दिए गए। कई चरणों
में आंदोलन चला, कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि
बोर्ड का पुनर्गठन जल्दी होगा। लेकिन, आश्वासन कोरा ही साबित होने पर
अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पर घेराव किया, चयन बोर्ड कार्यालय पर घेराव
किया, काला दिवस तक मनाया। फिर भी उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी।1अब प्रदेश
सरकार ने चयन बोर्ड के गठन पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अध्यक्ष और सदस्यों
के नाम भी तय हो जाने से अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। तमाम
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग का पुनर्गठन होते ही जश्न मनाया जाएगा
क्योंकि यह आंदोलन की जीत होगी।
चयन बोर्ड भंग रहने से करीब 13 हजार पदों पर नियुक्ति ठप, अब जगी उम्मीद
योगी सरकार ने सितंबर 2017 में बोर्ड को कर दिया था भंग
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