लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 50
हजार से ज्यादा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए
बड़ी राहत की खबर आई है।
दरअसल एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद)
ने RTI (जनसूचना का अधिकार अधिनियम) के तहत मांगी गई जानकारी में यह बात
साफ कर दी है कि बीएड, बीटीसी, डीएलएड और बाकी ट्रेनिंग अगर बाद में भी पास
की गई हो, तो भी TET (अध्यापक पात्रता परीक्षा) का सर्टिफिकेट पूरी तरह से मान्य होगा।
RTI के जवाब से मिली राहत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद इससे प्रभावित 15 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में
चयनित एक शिक्षक ने एनसीटीई से इस बारे में ऑनलाइन जानकारी मांगी थी। इसी
जानकारी के जवाब में एनसीटीई के मुख्य जनसूचना अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने
अपना जवाब भेजा है। इस जवाब में ये बात साफ की गई है कि अगर किसी की
ट्रेनिंग का रिजल्ट उसके टीईटी रिजल्ट के बाद भी आया है तो भी वह पूरी तरह
से वैलिड है। NCTE के इस जवाब से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के 50
हजार से ज्यादा शिक्षकों को राहत मिली है। अब ये सभी शिक्षक सुप्रीम कोर्ट
में दायर होने जा रही याचिकाओं में एनसीटीई के जवाब के आधार पर राहत
मांगेंगे।
RTI में पूछे गए सवाल
1- क्या बीएड, बीटीसी, डीएलएड और बाकी ट्रेनिंग के आखिरी साल या आखिरी सेमेस्टर में पास की गई TET का सर्टिफिकेट मान्य है?
2- क्या TET सर्टिफिकेट की वैधता के सम्बन्ध में इस
तरह की कोई कंडीशन है कि ट्रेनिंग के आखिरी साल या आखिरी सैमेस्टर में पास
की गई TET का प्रमाणपत्र तभी वैलिड होगा जब उसका रिजल्ट ट्रेनिंग के रिजल्ट
के बाद आया हो?
3- बीएड, बीटीसी, डीएलएड और बाकी ट्रेनिंग के पहले साल या सेकेंड सेमेस्टर में पास की गई TET वैलिड है या नहीं?
NCTE का जवाब
1- TET का सर्टिफिकेट एक निर्धारित अवधि के लिए ही
मान्य होगा। लेकिन शर्त ये है कि ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा
चुका हो। मतलब ट्रेनिंग पास करने के बाद ही टीईटी प्रमाणपत्र मान्य है।
2- ऐसी कोई कंडीशन नहीं है कि TET सर्टिफिकेट सिर्फ तभी वैलिड होगा जब आप अपनी ट्रेनिंग, TET रिजल्ट आने से पहले पास कर चुके हों।
3- पहले साल या सेकेंड सेमेस्टर में पास की गई TET का
सर्टिफिकेट भी पूरी तरह से मान्य है। बस शर्त ये है कि प्रशिक्षु अपनी
ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पास कर ले। मतलब ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही TET
का सर्टिफिकेट मान्य होगा।
हाईकोर्ट के आदेश ने बढ़ाई टेंशन
आपको बता दें कि हालही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश ने बेसिक शिक्षा
परिषद के 2012 से 2018 के बीच नियुक्त हुए लगभग 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों
की मुसीबत बढ़ा दी थी। दरअसल उस आदोश में कोर्ट ने कहा था कि जिसका भी
बीएड, बीटीसी, डीएलएड और बाकी ट्रेनिंग का रिजल्ट टीईटी के रिजल्ट के बाद
आया है, उसकी नियुक्ति अमान्य है। कोर्ट के इस आदेश के बाद इन सभी शिक्षकों
की नियुक्ति सवालों के घेरे में आ गई थी। लेकिन अब NCTE के इस जवाब के बाद
इन सभी शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि एनसीटीई के जवाब के
मुताबिक उनकी नियुक्ति पूरी तरह से मान्य है। कोर्ट के इस आदेश से 2012 के
बाद प्राथमिक स्कूलों के लिए हुई 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती, 9770,
10800, 10000, 15000, 16448, 12460 सहायक अध्यापक और उर्दू भर्ती के अलावा
उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए हुई विज्ञान और गणित विषय के 29334 सहायक
अध्यापक भर्ती में चयनित शिक्षक प्रभावित हैं।
सुप्रीम कोर्ट में मिलेगी मदद
NCTE से मिली इस राहत भरी खबर के बाद हाईकोर्ट के आदेश से प्रभावित
शिक्षकों को अब सुप्रीम कोर्ट में बड़ी मदद मिलेगी। प्रभावित शिक्षकों की
एक टीम दिल्ली पहुंच चुकी है। प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि यूपी-टीईटी
(उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) के लिए 4 अक्तूबर 2011 और 15 मई
2013 को जो शासनादेश जारी हुआ था उसमें इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि
जिनकी ट्रेनिंग का रिजल्ट TET के बाद आएगा उन्हें TET का सर्टिफिकेट नहीं
मिलेगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- 📢 UPTET अपडेट: सरकारी शिक्षकों को अब अपनी नवीनतम सैलरी स्लिप भी करनी होगी अपलोड
- TET छूट बिल | क्या है वायरल खबर की सच्चाई?
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें