देवरिया: परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने की
कवायद पर जिम्मेदार पानी फेर रहे हैं। समायोजन के बाद भी शिक्षक विद्यालयों
में जमे हैं और कार्यभार ग्रहण करने से कतरा रहे हैं।
यह मामला डीएम के
संज्ञान में आने पर उन्होंने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे
शिक्षकों को चिह्नित कर वेतन बाधित किया जाएगा।
शिक्षक-छात्रों के अनुपात को सही करने के लिए अगस्त में सीडीओ राजेश
कुमार त्यागी की देखरेख में 317 शिक्षकों का जनपद के भीतर समायोजन किया
गया, इसमें अधिकतर शिक्षकों ने नए विद्यालयों पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया
है। जिसके चलते पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हो रहा है। जनपद के भटनी,
देवरिया सदर, बैतालपुर, सलेमपुर, भाटपाररानी, लार, भागलपुर समेत कई ब्लाकों
का यही हाल है। भटनी ब्लाक में कई पूर्व माध्यमिक विद्यालय लंबे समय से
एकल हैं, जहां समायोजन के बाद भी शिक्षक कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं।
कई ऐसे पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां करीब 50 से भी कम छात्रों की
संख्या है लेकिन वहां सात से आठ शिक्षक तैनात हैं। ऐसे में कक्षा छह, सात व
आठ में महज तीन शिक्षक ही पढ़ाते हैं, शेष शिक्षक आराम फरमाते हैं। गौर
करने की बात यह है कि समायोजन में कई ऐसे शिक्षक हैं जो भटनी, बैतालपुर,
गौरीबाजार, देवरिया सदर व सलेमपुर ब्लाक में कार्यरत हैं और गोरखपुर से आकर
ड्यूटी करते हैं। नए विद्यालय पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इस
संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी माधव जी तिवारी ने बताया कि मामला
संज्ञान में है कि समायोजन के बाद भी शिक्षक नए विद्यालय पर नहीं गए हैं।
इसकी समीक्षा की जा रही है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिलाधिकारी
अमित किशोर ने बताया कि जिन शिक्षकों का समायोजन किया गया है, यदि उन्होंने
अपने विद्यालय पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया तो वेतन बाधित किया जाएगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
- TET छूट बिल | क्या है वायरल खबर की सच्चाई?
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें