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🔴 मोदी सरकार ने किया 8वां वेतन आयोग गठित, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर

 

केंद्र ने किया 8वां वेतन आयोग गठन का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को 8वां वेतन आयोग गठित करने का बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की।

इस आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव करना है। यह घोषणा बजट 2025 से कुछ दिन पहले हुई है।


8वां वेतन आयोग क्या है?

8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए वेतन, महंगाई भत्ते (DA) और पेंशन में सुधार करने की सिफारिश करेगा।

इसके तहत महंगाई के हिसाब से भत्तों को भी विस्तारित या संशोधित किया जाएगा।


कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

सरकार ने अभी आधिकारिक प्रतिशत नहीं बताया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 18,000 रुपये → 51,480 रुपये

  • यह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के आधार पर तय होगी।


फिटमेंट फैक्टर क्या है?

फिटमेंट फैक्टर एक गुणक (Multiplier) होता है, जो कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन व भत्तों की गणना में इस्तेमाल होता है। इसमें शामिल हैं:

  • महंगाई दर

  • सरकार की आर्थिक स्थिति

  • कर्मचारियों की आवश्यकताएँ


किसे मिलेगा फायदा?

  • लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी (रक्षा कर्मचारी भी शामिल)

  • करीब 65 लाख पेंशनर्स (सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारी भी शामिल)


8वां वेतन आयोग कब लागू होगा?

  • गठन: 2026 तक

  • सिफारिशें लागू होने की संभावना: 1 जनवरी 2026 से


वेतन आयोग का उद्देश्य

  • हर 10 साल में गठित होता है

  • सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और बोनस की समीक्षा करता है

  • महंगाई, आर्थिक हालात और सरकारी खजाने की स्थिति को ध्यान में रखकर सिफारिशें बनाता है


इतिहास: पहले भी हो चुके हैं 7 वेतन आयोग

  • 1946 से अब तक 7 वेतन आयोग बन चुके हैं

  • 7वां वेतन आयोग (2016) अभी भी लागू है

  • 8वां वेतन आयोग मोदी सरकार का नया कदम है जो अगले 10 साल के लिए दिशा तय करेगा


सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत

यह कदम कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब यह देखना होगा कि आयोग की सिफारिशों का आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा।

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