CM योगी के निर्देश के बाद एक्शन में प्रशासन
उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी भर्तियों (UP Government Recruitment) में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव (नियुक्ति) देवराज ने सभी विभागों को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि आरक्षण नियमों का अक्षरशः पालन किया जाए।
यह आदेश प्रदेश में चल रही और आगामी सभी सरकारी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं पर लागू होंगे।
प्रमुख सचिव देवराज का सख्त संदेश
प्रमुख सचिव देवराज ने अपने आदेश में कहा है कि:
“सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के दौरान आरक्षण नीति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विचलन स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि:
-
❌ आरक्षण नियमों की अनदेखी
-
❌ गलत कैटेगरी में पदों का निर्धारण
-
❌ मेरिट और रोस्टर का उल्लंघन
👉 पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किन भर्तियों पर होगा असर?
इन निर्देशों का सीधा असर पड़ेगा:
-
✔️ UPPSC / UPSSSC भर्तियों
-
✔️ शिक्षक भर्ती (Teacher Recruitment UP)
-
✔️ पुलिस, स्वास्थ्य और तकनीकी विभाग की भर्तियाँ
-
✔️ संविदा, नियमित और सीधी भर्ती प्रक्रियाएँ
सभी चयन एजेंसियों को Reservation Roster Compliance सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरक्षण विवादों पर लगेगी लगाम?
पिछले कुछ समय से प्रदेश में कई भर्तियों को लेकर:
-
🔹 आरक्षण उल्लंघन के आरोप
-
🔹 अदालतों में याचिकाएं
-
🔹 छात्र और अभ्यर्थी आंदोलन
देखे गए हैं। सरकार का मानना है कि यह आदेश भविष्य के विवादों और कानूनी अड़चनों को कम करेगा।
सरकार का फोकस: पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती
सरकार का कहना है कि:
✔️ भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो
✔️ सभी वर्गों को संवैधानिक अधिकार मिले
✔️ चयन में मेरिट + आरक्षण संतुलन बना रहे
इसी उद्देश्य से यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
