🟢 टीईटी अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का आंदोलन जारी
लखनऊ।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने केंद्र और प्रदेश सरकार से नए साल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की है। संघ का कहना है कि देश और प्रदेश भर के शिक्षक पिछले चार महीनों से टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है।
शिक्षकों को उम्मीद है कि वर्ष 2025 में सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
📌 संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या कहा?
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि—
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शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपे
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हस्ताक्षर अभियान चलाया
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सांसदों और विधायकों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
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शिक्षक दिल्ली कूच भी कर चुके हैं
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शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर टीईटी से छूट की मांग रखी गई
इसके बावजूद अभी तक टीईटी अनिवार्यता को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
👨🏫 शिक्षक कर रहे हैं कई जिम्मेदारियां
संघ ने बताया कि शिक्षक—
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नियमित शिक्षण कार्य कर रहे हैं
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पिछले दो महीनों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय हैं
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सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभा रहे हैं
इसके बावजूद उनकी सेवा सुरक्षा को लेकर कोई राहत नहीं दी गई है।
✅ सरकार से क्या मांग की गई?
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि—
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नए वर्ष में TET अनिवार्यता से छूट का आदेश जारी किया जाए
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शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
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वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के योगदान का सम्मान किया जाए
❄️ शीतलहर पर सीएम के फैसले का स्वागत
संघ ने शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा 1 जनवरी तक विद्यालय बंद रखने के निर्णय का स्वागत किया है। संघ का कहना है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सही कदम है।