इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा महकमा एक ओर कुछ अभ्यर्थियों को सेवानिवृत्ति
की आयु तक नियुक्ति देने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर दो विशेष वर्गो को आयु
सीमा छूट का निर्धारण ही नहीं किया है। खास बात यह है कि बेसिक शिक्षकों
की नियमावली में प्रावधान होने के बाद भी नियुक्ति के जारी निर्देश में
इसका उल्लेख तक नहीं है। ऐसे में करीब 471 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण
होने के बाद भी नियुक्ति नहीं पा सकेंगे।
परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रदेश
भर के विशिष्ट बीटीसी व उर्दू बीटीसी के अभ्यर्थी भी शामिल हुए। 13 अगस्त
को जारी रिजल्ट में 41556 सफल अभ्यर्थियों में विशिष्ट बीटीसी के 375 व
उर्दू बीटीसी के 96 अभ्यर्थी भी हैं। इन दिनों नियुक्ति के लिए ऑनलाइन
आवेदन लिए जा रहे हैं, इसमें इन दोनों वर्गो को आयु सीमा में छूट देने का
स्पष्ट निर्देश नहीं है, जबकि भूतपूर्व सैनिक, शिक्षामित्र व दिव्यांग की
ही आयु सीमा का निर्धारण किया गया है। यही नहीं उप्र बेसिक शिक्षा अध्यापक
सेवा नियमावली 1981 में विशिष्ट बीटीसी व उर्दू बीटीसी के अभ्यर्थियों की
आयु सीमा अधिकतम 50 वर्ष दी गई है। शिक्षक भर्ती में इसका उल्लेख न होने से
यह अभ्यर्थी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी नियुक्ति नहीं पा
सकेंगे।इसकी वजह यह है कि प्रदेश में विशिष्ट बीटीसी के अभ्यर्थी 1999,
2004, 2007 और 2008 बैच के हैं। वहीं उर्दू बीटीसी 1996 बैच के हैं।
अभ्यर्थी सुधांशु कुमार त्रिवेदी का कहना है कि आवेदन के निर्देश में बदलाव
किए बिना वह और उनके साथी काउंसिलिंग नहीं करा सकेंगे।
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