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एसआइटी जांच ने बढ़ाई शिक्षकों की धड़कनें : 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती Latest updates

- फीरोजाबाद जिले में कई शिक्षक फर्जी अभिलेखों से कर रहे हैं नौकरी
- पहले 2007 के बाद से हो रही थी जांच, दायरा बढ़ा तो फंसेंगे कई
फीरोजाबाद : विवि में फर्जी अंकतालिकाओं की जांच का दायरा बढ़ने के साथ कइयों की नींद उड़ गई है. फर्जी अंकतालिका से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की तादाद फीरोजाबाद में भी सैकड़ों में बताई जाती है.
पहले सन 2005 के बाद में जारी अंकतालिकाओं की जांच कर रही एसईआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) द्वारा अब सन 2000 के बाद जारी अंकतालिकाओं की जांच किए जाने की चर्चा है. इससे 2005 से पहले जुगाड़ लगाकर नौकरी पाने वालों की नींद भी उड़ गई है. शिक्षक एसआईटी की जांच में अपनी अंकतालिकाओं को सही साबित कराने के लिए कॉलेजों की दौड़ लगा रहे हैं.
विवि में फर्जी अंकतालिका बनाने वाले कॉकस से फीरोजाबाद के भी कुछ लोगों का जुड़ाव रहा है. शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो इस कॉकस की मदद से फीरोजाबाद में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा विभाग ने नौकरी पाई है. अब तक हर जांच में ऊंची पहुंच एवं सोर्स-सिफारिश के बल पर बचने वाले इन शिक्षकों की नींद एसआईटी की जांच ने उड़ा दी है. पहले सन 2005 के बाद में नौकरी पाने वाले शिक्षक ही परेशान थे, लेकिन अब सन 2000 के बाद फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वालों की भी नींद उड़ गई है. कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होने हजारों रुपये खर्च कर अपनी अंकतालिकाओं में नंबर बढ़वाए थे. उन्हें भी डर लग रहा है कहीं उनके साथ में भी तो कॉकस ने फर्जीवाड़े का खेल नहीं खेल दिया.
कई शिक्षक तो पहले ही छोड़ चुके हैं नौकरी
फीरोजाबाद में पहले भी कई फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं. तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में खुद को फंसता देख टूंडला ब्लाक में कार्यरत एक महिला शिक्षिका ने अपना त्याग पत्र भेज दिया था. हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में फीरोजाबाद में फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं.
कई बार जांच बैठी, हर बार हो गई से¨टग
कुछ फर्जी शिक्षकों की शिकायत होने पर जांच भी कई गई. जिला प्रशासन के स्तर पर ही नहीं, बल्कि मंडल स्तरीय अफसरों द्वारा भी जांच की गई, लेकिन फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों की से¨टग यहां भी हावी रही. कभी शिकायतें दबा दी गई तो कभी जांच रिपोर्ट ही अंजाम तक नहीं पहुंचने दी.
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