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वाह, शिक्षक हैं पढ़ाया नहीं पर वेतन लिया, प्रमोशन भी

 रायबरेली : परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य करने को नियुक्त किए गए शिक्षकों को आखिर कैसे बिना शिक्षण के पदोन्नति मिल गई। अब यह विषय रायबरेली के परिषदीय शिक्षकों के लिए चर्चा का विषय बन चुका है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में संबद्ध शिक्षकों की फौज ने आखिर बिना मूल पद पर रहते हुए कैसे पदोन्नति पा और उनका वेतन बिना शिक्षण कार्य किए ब्लॉकों से आहरित हो रहा है। इस मसले को लेकर विभागीय शिक्षक संबद्ध शिक्षकों को घेरने की तैयारी में जुट गए है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आशुतोष तिवारी, आरएन ¨सह, अभिवेक श्रीवास्तव, अभिषेक द्विवेदी और राजेंद्र वर्मा, मुदिता बाजपेयी, चंद्रना गोस्वामी और सूर्य प्रकाश को संबद्ध कर रखा गया है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक आखिर किससे आदेश से संबद्ध है ये आदेश अभी तक गुप्त रखा गया है। लेकिन विभागीय शिक्षक संबद्धता की कड़ी तलाशने में जुट गए है। क्योंकि विद्यालय में संबद्ध शिक्षकों को बीएसए के आदेश के बाद उनकी संबद्धता समाप्त करते हुए मूल स्कूलों में भेज दिया गया है। लेकिन डायट में उक्त प्रक्रिया यथावत चल रही है। वहीं शिक्षकों की तैनाती परिषदीय स्कूलों में होने के कुछ समय बाद उन्हें डायट में संबद्ध कर दिया गया। इस कार्य अवधि के दौरान उन्होंने स्कूलों में शिक्षण कार्य नहीं किया और पदोन्नत कर दिए गए। ऐसे में शिक्षकों का कहना है यह पदोन्नति पूरी तरह नियमों के विपरीत है। जिसकी उच्चाधिकारियों से जांच होनी चाहिए।
..तो कौन भर रहा प्रपत्र-9
परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों का वेतन निकलने के लिए उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य द्वारा सहायक अध्यापकों का प्रपत्र-9 भरकर बीआरसी में भेजा जाता है। जिसके बाद वे प्रपत्र मुख्यालय भेजा जाता है। जिसके बाद शिक्षकों का वेतन उनके खातों में पहुंचता है। लेकिन अगर संबद्धता के दौरान ऐसा किया जा रहा है तो ये गलत है।
अनुभवशील शिक्षक क्यों नहीं
अगर मान भी लिया जाए कि डायट में प्रवक्ताओं की कमी है और उनका काम करने के लिए आठ शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए संबद्ध किया है। लेकिन इस कार्य के लिए अनुभवशील शिक्षकों को क्यों नहीं लिया गया। क्योंकि जिन शिक्षकों में डायट में संबद्ध कर रखा गया है उन शिक्षकों का अनुभव कम ही होगा। फिर भी उनकी संबद्धता समाप्त नहीं हो रही है।
साहब को नहीं पता

'डायट में रिक्त चल रहे प्रवक्ताओं के पदों को भरने के लिए शासन को अवगत करा दिया गया। संबद्ध शिक्षक पदोन्नत कैसे किए गए इस बारे में कुछ नहीं पता।' -महेंद्र ¨सह राणा, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल।
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