सुप्रीम कोर्ट के आर्डर को लेकर जो असमंजस की स्थिति बनी है... यह स्वभाविक है

नमस्कार मित्रों , सुप्रीम कोर्ट के आर्डर को लेकर जो असमंजस की स्थिति बनी है... यह स्वभाविक है।।
आर्डर में क्या क्या है ये सिर्फ और सिर्फ जज महोदय को पता हैं..और इनके अतिरिक्त जो कहता है कि आर्डर ऐसा होगा,वैसा होगा..यह सिर्फ एक कोरी कल्पना मात्र हैं।
एक माह से हमारे कुछ साथी लगातार फेसबुक पर आर्डर की तिथि व आर्डर को पोस्ट कर रहे हैं.. जबकि लगातार उनके द्वारा दी गयी तिथि पर कोई आर्डर नही आया..
मित्रों आज आपको स्पष्ट करना चाहता हूँ कि आर्डर हमारे पक्ष में आएगा और ये कोई कल्पना नही है बल्कि कोर्ट की अब तक की हुई सुनवाई व बीएड वालों के प्रति कोर्ट के रुझान पर कह रहा हूँ...
अभी सभी पक्ष खुद को विजयी बता रहे है.. चाहे बीएड हो,बीटीसी हो या शिक्षामित्र हो..चूँकि जब तक आर्डर नही आता तब तक सिर्फ अफवाहों का बाजार गर्म है..अतः इन अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नही हैं।
19 मई को हमारे केस की अंतिम सुनवाई होकर आर्डर रिज़र्व हुआ.. कोर्ट द्वारा किसी भी आर्डर को रिलीज़ करने की अधिकतम समय सीमा 90 दिन होती है जो की 18 अगस्त है.. अतः ये यथार्थ सत्य हैं कि कोर्ट चाहे जितना लेट करे आर्डर सुनाने में किन्तु 90 दिन से पहले उसे आर्डर सुनाना ही होगा...
आर्डर आने की पूरी संभावना इस जुलाई माह के द्वितीय व तृतीय सप्ताह में हैं।।
अतः आप सभी लोग आर्डर के पक्ष या विपक्ष में आने की स्थिति के लिए स्वयं को मानसिक रूप से तैयार कर लें।।
समस्त साथियों को नियुक्ति मिले.. ऐसी दुआ अल्लाह से करता हूँ..
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