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दुधमुंहे बच्चे अपनी शिक्षामित्र मां के साथ आंदोलन का हिस्सा बने

इलाहाबाद। स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन कर हताश हो चुके शिक्षामित्रों ने अब लखनऊ की राह चुनी है। राजधानी में सूबे के सभी जिलों के शिक्षामित्रों के साथ प्रदर्शन करेंगे।
शनिवार को मम्फोर्डगंज स्थित सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय पर जुटे हजारों शिक्षामित्रों ने शासन से अपनी मांगों पर ध्यान देने की मांग दोहराई। आंदोलन के तीसरे दिन बड़ी संख्या में जिले एवं जनपद के 21 विकास खंडों के शिक्षामित्रों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर ने कहा कि सरकार को शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर गंभीर होना पड़ेगा।
प्रदर्शन स्थल पर 55 वर्ष के शिक्षामित्रों के अलावा दुधमुंहे बच्चे अपनी शिक्षामित्र मां के साथ आंदोलन का हिस्सा बने। 55 वर्ष के शिक्षामित्रों से लेकर नवयुवक—युवतियां सभी नौकरी के संरक्षण की गारंटी चाहते हैं। जी हां, समायोजन रद होने से नौकरी पर आए संकट को लेकर शिक्षामित्रों की जमात की परेशानी पर बल साफ दिखाई देता है। यहां मम्फोर्डगंज स्थित सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हजारों शिक्षामित्र सरकार से नया अध्यादेश लाकर शिक्षक पदनाम और वेतन जारी रखने की बात कर रहे हैं। फिलहाल नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षामित्रों ने सोमवार को लखनऊ स्थित लक्ष्मण पार्क में प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा समहित के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रहे आदर्श शिक्षामित्र संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अश्विन त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने किए जाने के बाद इनका भविष्य अंधकार मय हो चुका है। सरकार द्वारा शिक्षामित्रों की मागों पर सार्थक पहल न होने के कारण जिले के हजारों शिक्षामित्र लखनऊ कूच करने के लिए बाध्य हैं। इस मौके पर जनार्दन पांडेय, संतोष यादव, बैजनाथ सोनी, सुशील तिवारी, अखिलेश सिंह, अरूण पटेल, दशरथ भारतीय आदि शामिल रहे।
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