Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

प्रदेश के शिक्षामित्र निराश न हो, जीत तक होगी जंग : प्रदेश अध्यक्ष गाजी का ऐलान

सगड़ी तहसील के लाटघाट बाजार में प्रदेश  ने की वार्ता
संगठन पूरी ताकत के साथ सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका की लड़ाई को लड़ेगा। शिक्षामित्र निराशन न हो क्योंकि पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट शिक्षामित्रों को न्याय अवश्य देगा। जो भी आरोप शिक्षामित्र के
समायोजन पर लगाया गया था। संगठन लिखित सबमिशन दाखिल किया था और एविडेंस भी दिया गया था। यदि समायोजन निरस्त हुआ तो कोर्ट के सामने पूरे देश के अच्छे वकीलों को लेकर न्याय पाने की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ा जायेगा। उक्त बातें उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने गोरखपुर से आजमगढ़ जाते समय लाटघाट बाजार में कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में एनसीटीई ने शिक्षामित्रों को अंतिम टीचर मानते हुए दो वर्ष का सेवारत बीटीसी प्रशिक्षण कराने की अनुमति दी। सेवारत बीटीसी प्रशिक्षण उसी का होता है, जो पहले से शिक्षक पद पर कार्यरत हो। जब एनसीटीई ने अनट्रेंड टीचर मान लिया, तब उसी आधार पर बीटीसी प्रशिक्षण हुआ। वर्ष 2010 में आरटीई एक्ट बनाकर टीईटी थोपना, सरासर अन्याय है। इस पर केन्द्र सरकार को उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों पर विचार करना चाहिए। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रलय व प्रधानमंत्री तक शिक्षामित्र अपनी बातों को पहुंचा चुके हैं। शिक्षा मित्र 2001 से प्राथमिक शिक्षण व्यवस्था में शिक्षण कार्य कर रहे है। 17 वर्ष बाद इन पर जबरदस्ती टीईटी लगाना गलत है। जबकि प्रदेश सरकार को शिक्षा मित्रों की समस्याओं को संज्ञान लेते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल करना चाहिए। इसकी मांग शिक्षामित्र कर रहा है। इस अवसर पर संजय यादव, मोतीलाल कन्नौजिया, दिनेश नायक, अजीत राय, दिनेश कुमार पांडे, सुनीता सिंह, अनीता देवी, ¨पटू राय आदि थे।

sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news