प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। 188 परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) के पदों पर जल्द नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
🏫 क्यों जरूरी है हेडमास्टर की तैनाती?
प्रधानाध्यापक किसी भी विद्यालय की रीढ़ माने जाते हैं। उनके बिना—
-
विद्यालय प्रशासन प्रभावित होता है
-
शैक्षिक गुणवत्ता पर असर पड़ता है
-
शिक्षकों के कार्यों में समन्वय नहीं बन पाता
-
अभिभावकों और विभाग के बीच संवाद कमजोर हो जाता है
इसी को देखते हुए विभाग ने रिक्त 188 स्कूलों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है।
📌 क्या होगा लाभ?
✔️ स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी
✔️ पढ़ाई और अनुशासन में सुधार
✔️ शिक्षकों का कार्य विभाजन सुचारु
✔️ बच्चों के शैक्षिक स्तर में बढ़ोतरी
🗂️ शिक्षा विभाग की तैयारी
सूत्रों के अनुसार—
-
रिक्त पदों की सूची तैयार
-
तैनाती वरिष्ठता और नियमों के अनुसार
-
प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
विभाग का मानना है कि प्रधानाध्यापक की नियुक्ति से परिषदीय विद्यालयों की छवि और कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा।
🎯 शिक्षकों और अभिभावकों के लिए राहत
शिक्षक संगठनों और अभिभावकों की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि बिना प्रधानाध्यापक के चल रहे स्कूलों को जल्द स्थायी नेतृत्व दिया जाए। अब इस फैसले से उनकी उम्मीदों को बल मिला है।
