सहायक अध्यापक धीरज चंदानी द्वारा मांगी गई जानकारी का पूरा विवरण
लखनऊ।
सहायक अध्यापक धीरज चंदानी द्वारा असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave – EOL) से संबंधित नियमों और प्रक्रिया की जानकारी के लिए दायर RTI आवेदन का जवाब विभाग की ओर से प्राप्त हो गया है। यह जानकारी प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है, जो असाधारण अवकाश को लेकर असमंजस में रहते हैं।
📌 RTI में क्या जानकारी मांगी गई थी?
RTI आवेदन के माध्यम से मुख्य रूप से यह जानना चाहा गया था कि—
✔️ असाधारण अवकाश किन परिस्थितियों में स्वीकृत किया जा सकता है
✔️ EOL की अधिकतम अवधि क्या है
✔️ क्या EOL सेवा अवधि (Service) में जोड़ा जाता है या नहीं
✔️ वेतन, पदोन्नति और पेंशन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है
✔️ किस सक्षम अधिकारी द्वारा EOL स्वीकृत किया जाता है
📝 विभाग द्वारा क्या जवाब दिया गया?
RTI के जवाब में विभाग ने स्पष्ट किया कि—
🔹 असाधारण अवकाश तभी दिया जाता है, जब अन्य कोई अवकाश शेष न हो
🔹 EOL वेतन सहित नहीं होता
🔹 यह अवकाश सेवा अवधि में स्वतः नहीं जुड़ता, जब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से अनुमति न दी जाए
🔹 पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि और पेंशन गणना पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है
🔹 असाधारण अवकाश स्वीकृति का अधिकार नियुक्ति प्राधिकारी / सक्षम अधिकारी के पास होता है
⚠️ शिक्षकों के लिए क्यों है यह जवाब महत्वपूर्ण?
प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक—
➡️ स्वास्थ्य कारणों
➡️ पारिवारिक मजबूरी
➡️ उच्च शिक्षा
➡️ न्यायालयीन मामलों
के चलते असाधारण अवकाश लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें—
❌ वेतन कटौती
❌ सेवा अवधि विवाद
❌ पेंशन गणना में समस्या
का सामना करना पड़ता है।
👉 RTI का यह जवाब शिक्षकों को पहले से सचेत करता है कि EOL लेने से पहले सभी पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है।
🎯 विशेषज्ञों की राय
शिक्षक संगठनों का कहना है कि—
“असाधारण अवकाश लेने से पहले लिखित आदेश, अवधि और सेवा लाभों की स्थिति स्पष्ट कर लेना आवश्यक है, अन्यथा भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है।”
