❗ UDISE डेटा और समायोजन नीति पर फिर उठे गंभीर सवाल
UP Primary School Samayojan News 2026
प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती का असंतुलन एक बार फिर चर्चा में है। कहीं एक ही स्कूल में 27 शिक्षक तैनात हैं, तो वहीं कई विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है।
यह स्थिति यू-डायस (UDISE) पोर्टल के आंकड़ों और समायोजन प्रक्रिया की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है।
⚠️ कैसे पैदा हुई यह स्थिति?
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गलत या अपूर्ण UDISE डेटा फीडिंग
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छात्र संख्या और शिक्षक पदों का सही सत्यापन न होना
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वरिष्ठता और विकल्प प्रक्रिया की अनदेखी
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बिना ठोस नीति के जबरन समायोजन (Samayojan 3.0)
परिणाम यह हुआ कि—
👉 कुछ स्कूल शिक्षक-विहीन हो गए
👉 कुछ स्कूलों में आवश्यकता से कई गुना शिक्षक तैनात हैं
👩🏫 शिक्षा की गुणवत्ता पर असर
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शिक्षक विहीन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित
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अधिक शिक्षक वाले स्कूलों में मानव संसाधन की बर्बादी
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ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
⚖️ कोर्ट में उठा मुद्दा
हाल ही में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भी यह तथ्य सामने आया कि—
गलत डेटा और नीति के आधार पर किया गया समायोजन न्यायसंगत नहीं है।
कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि प्रक्रिया ही दोषपूर्ण है, तो पूरे समायोजन को चुनौती दी जा सकती है।
📢 शिक्षकों की मांग
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पहले UDISE डेटा का शुद्धीकरण
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समायोजन से पहले विकल्प और वरिष्ठता का पालन
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शिक्षक-विहीन विद्यालयों को प्राथमिकता
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जबरन समायोजन पर तत्काल रोक