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शिक्षकों पर गिरी गाज: वर्षों से लिए गए अतिरिक्त वेतन की रिकवरी शुरू, पहली किस्त वेतन से कटी

 रामपुर में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। नियमों के विपरीत वेतन लाभ लेने वाले सात शिक्षकों से अब सरकारी धन की रिकवरी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को शिक्षक वेतन अनियमितता, सरकारी वेतन घोटाला और शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार जैसे मामलों पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई ऑडिट जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षकों को कई वर्षों तक अतिरिक्त और अवैध वेतन भुगतान किया गया। यह अनियमितता वर्ष 2018 से लगातार चली आ रही थी, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद शासन स्तर पर समीक्षा की गई और दोषी शिक्षकों से राशि वसूलने के निर्देश जारी किए गए।

रिकवरी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले शिक्षकों के वेतन से पहली किस्त की कटौती की गई है। औसतन प्रत्येक शिक्षक के वेतन से 30 हजार रुपये से अधिक की राशि काटी गई, जिससे शुरुआत में ही लाखों रुपये की वसूली हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कुल रिकवरी राशि करीब 70 लाख रुपये के आसपास है, जिसे कई किस्तों में वसूल किया जाएगा ताकि वेतन पर अत्यधिक दबाव न पड़े।

जांच में यह भी सामने आया कि वेतन निर्धारण के दौरान लेखा कार्यालय के स्तर पर गंभीर लापरवाही या मिलीभगत हुई थी। इसी कारण शिक्षकों को लंबे समय तक अनुचित लाभ मिलता रहा। मामले के उजागर होने के बाद अगस्त 2025 से संबंधित शिक्षकों का वेतन संशोधित कर दिया गया और अतिरिक्त भुगतान को पूरी तरह बंद कर दिया गया।

यह मामला उत्तर प्रदेश में शिक्षक वेतन घोटाला, बेसिक शिक्षा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट और सरकारी धन की रिकवरी जैसे हाई सर्च कीवर्ड्स के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह की अनियमितताओं की जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि नियमों के खिलाफ वेतन लाभ लेने पर न केवल रिकवरी होगी, बल्कि विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामलों के सामने आने और शिक्षा विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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