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सातवां वेतन आयोग: सरकार 29 जून को बढ़त के साथ दे सकती है मंजूरी

नई दिल्ली : केंद्रीय कैबिनेट केंद्रीय कमिर्यों के वेतन-भत्तों और पेंशन मागों में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कुछ और बढ़त के साथ कल मंजूरी दे सकता है। आयोग ने मूल वेतन में करीब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की है।
इसके लागू होने से कुल एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फायदा होगा।

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वेतन आयोग की सिफारिशें पिछले साल नवंबर में आईं थीं। इनमें मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। यह बढ़ोतरी पिछले 70 साल में आयोगों की सिफारिशों में सबसे कम बताई जा रही है। छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। 2008 में इसे लागू करते समय तत्कालीन यूपीए सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी।
आयोग की सिफारिशों में प्रस्तावित भत्तों को भी जोड़ा जाए तो सिफारिशों के अनुसार वेतन में 23.55 प्रतिशत की वृद्धि होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस साल राजकोषीय घाटे को ध्यान में रखते हुए सरकार वेतन आयोग की सिफारिश के मुकाबले मूल वेतन को 18 प्रतिशत या अधिक से अधिक 20 प्रतिशत तक कर सकती है। '
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें इस साल एक जनवरी से प्रभावी होंगी। जनवरी के बाद के बकाए के भुगतान के तौर तरीके पर भी कैबिनेट में निर्णय लिया जा सकता है। कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
बताया गया है कि समिति ने सिफारिशों का समर्थन किया है। अधिकारी ने कहा, 'बहुत संभव है कि इसे कैबिनेट की कल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।' केंद्र सरकार के निर्णय से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 58 लाख पेंशनरों को फायदा होगा।

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