अब सेटेलाइट लेगा शिक्षकों की खबर, स्कूलों से नहीं मार सकेंगे बंक, पढ़े पूरी खबर

शामली। बेपटरी हो चुकी सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सूचना क्रांति से जोड़ कर इसमें सुधार की कवायद की जा रही है। सबकुछ ठीक रहा तो जनपद के सभी परिषदीय स्कूल सेटेलाइट से जोड़े जाएंगे। इसमें शिक्षकों का नंबर भी जोड़ा जाएगा।
सेटेलाइट से जुड़ जाने के बाद अधिकारी कहीं से भी स्कूल की जानकारी व शिक्षकों की लोकेशन ट्रेस कर लेंगे। स्कूलों की लोकेशन के लिए शिक्षकों से अक्षांश व देशांतर का रिकार्ड मांगा जा रहा है। शासन द्वारा इन स्कूलों का डाटा तैयार कराया जा रहा है। इसमें विद्यालयों से संबंधित जानकारी निर्धारित फॉर्मेट पर तो मांगी ही जा रही है। इसके अलावा विद्यालय किस लोकेशन और किस अक्षांश व देशांतर पर मौजूद है, इसके बारे में भी ब्यौरा तैयार कराया जा रहा है।
शिक्षकों को हो रही दिक्कत

वो शिक्षक-शिक्षिकाएं जो एंड्रायड मोबाइल नहीं चला पा रहे हैं, उन्हें अक्षांश व देशांतर निकालने में दिक्कत नहीं हो रही। कई शिक्षक अब भी की-पैडवाले मोबाइल चला रहे हैं, उन्हें तो ज्यादा परेशानी है। यह योजना लागू हुई तो उन्हें जीपीएस फीचर वाला टचस्क्रीन एंड्रॉयड फोन लेना होगा।

गुरुजी नहीं मार पाएंगे बंक

स्कूलों को सेटेलाइट से अटैच किया जाएगा। संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक का मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा। सेटेलाइट से जुड़ने के बाद शिक्षक अपनी लोकेशन को छुपा नहीं सकेंगे, क्योंकि वे जहां पर भी होंगे, उनकी लोकेशन खुलकर सामने आ जाएगी।

क्या बोले अधिकारी

इस सम्बंध में बीएसए चंद्रशेखर ने बताया कि स्कूलों के अक्षांश व देशांतर का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। शासन स्तर से जिले भर के सभी स्कूलों का डाटा मांगा गया है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के प्रधानाध्यापकों, माध्यमिक के प्रधानाचार्यो व पब्लिक स्कूलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं, भविष्य में स्कूलों को अक्षांश व देशांतर के माध्यम से सेटेलाइट से जोड़ा जाएगा।
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