Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

डिप्रेशन के चलते शिक्षामित्र की मौत

- समायोजन रद होने के बाद से चल रहा था डिप्रेशन में, थर्सडे सुबह 8 बजे हुई मौत
- एक हफ्ता पहले स्कूल में बिगड़ी थी हालत, निजी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज

फाइल फोटो है- बनवारी

BAREILLY :

सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद होने के बाद डिप्रेशन का शिकार हुए शिक्षामित्र की थर्सडे सुबह मौत हो गई। शिक्षामित्र बनवारी मीरगंज के गांव तिलमास का रहने वाला था। एक हफ्ता पहले स्कूल में ही उनकी हालत बिगड़ गई थी जिसके बाद परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया था, जहां पर सुबह को मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है.
2 जनवरी को बिगड़ी थी हालत

मीरगंज के गांव तिलमास निवासी बनवारी 42 वर्षीय अगस्त 2014 में शिक्षामित्र बने थे। समायोजन होने के बाद वह सहायक शिक्षक बन गए और उनका ट्रांसफर सिमरिया गांव में हो गया, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्र का 25 अगस्त 2017 को समायोजन रद कर दिया गया। जिसमें बनवारी फिर से तिलमास गांव में शिक्षामित्र बन गए। परिजनों ने बताया कि समायोजन रद होने के चलते वह डिपे्रशन की वजह से बीमार हो गए थे। परिजनों ने काफी इलाज कराया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। 2 जनवरी को वह स्कूल में थे, तभी अचानक उनकी हालत बिगड़ गई जिसके बाद परिजन उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां पर सुबह करीब 8 बजे उनकी मौत हो गई। बनवारी तीन भाइयों में छोटा था। उनके परिवार में पत्नी कुसुम देवी, दो बेटा और दो बेटी हैं। शिक्षामित्र की मौत से परिवार का रो- रो कर बुरा हाल हो गया है।
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news