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यूपी बोर्ड पुस्तक प्रकाशन का टेंडर निरस्त, नियम व शर्तो में हुआ बदलाव

इलाहाबाद : यूपी बोर्ड के 26 हजार से अधिक माध्यमिक कालेजों में पुस्तकें मुहैया कराने का पुराना टेंडर निरस्त कर दिया गया है। बोर्ड प्रशासन ने यह कदम टेंडर निकालने के बाद 20 दिन बाद उठाया है, जबकि तीन दिन बाद से टेंडर लेने की प्रक्रिया शुरू होनी थी।
अफसरों ने आनन-फानन नई अल्पकालिक निविदा भी जारी की है, जो शुक्रवार को प्रकाशित होगी। टेंडर के नियम व शर्तो में बदलाव भी हुए हैं। अब 22 से 25 जनवरी तक
प्रकाशकों से निविदाएं मांगी गई हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव हुआ है। परिषद के विद्यालयों में अब एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम की नए सत्र से पढ़ाई होनी है। बोर्ड की पाठ्यचर्या समितियों ने 18 विषयों की कुल 31 किताबें नए पाठ्यक्रम में लागू करने का निर्णय लिया है। इन्हें छह समूह में बांटा गया है। इस पर एनसीईआरटी की पहले ही मुहर लग चुकी है। बीते 22 दिसंबर को यूपी बोर्ड ने पुस्तक प्रकाशन के लिए टेंडर जारी किया और प्रकाशकों से 15 जनवरी से निविदाएं मांगा। दो जनवरी को बोर्ड मुख्यालय पर प्री-बिड पर मंथन के लिए बैठक हुई। इसमें तमाम प्रकाशकों के साथ बोर्ड के सभापति डा. अवध नरेश शर्मा व बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव आदि ने चर्चा की। इसी बैठक में निविदा की खामियां सामने आईं। कुल टेंडर 200 करोड़ की जगह दो हजार करोड़ लिख दिया गया और पुस्तकों में दो कलर प्रयुक्त होने के स्थान पर चार कलर लिखे गए। इसी तरह की अन्य कई विसंगतियां गिनाई गईं। इसे ‘दैनिक जागरण’ ने प्रकाशित किया था। 1बोर्ड प्रशासन ने इसे दूर करने का वादा किया और संशोधित निविदा का विज्ञापन जारी किया गया लेकिन, उसे वेबसाइट पर अपलोड नहीं कराया गया। इससे प्रकाशकों में हड़कंप था कि आखिर क्या बदलाव हुए हैं। वह जान नहीं पा रहे। यह मामला शासन तक पहुंचा और तय हुआ कि पुराना टेंडर निरस्त करके नई अल्पकालिक निविदा निकाली जाए। पुस्तकों के कुल बजट व कलर आदि विसंगतियों के साथ ही अन्य नियम व शर्तो में भी संशोधन हुआ है। बोर्ड ने गुरुवार शाम को ही इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, नई निविदा शुक्रवार को वेबसाइट पर प्रकाशित होगी।




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