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शिक्षकों के 862 पद रिक्त, परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली होने से पढ़ाई बेपटरी

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के 862 पद खाली होने से पढ़ाई बेपटरी हो चुकी है। नि:शुल्क पुस्तक के लिए पहले से ही परेशान छात्र-छात्राओं को कक्षा संचालन में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नियुक्ति की धीमी
रफ्तार के बीच 350 शिक्षकों के गृह जनपद जाने से स्थिति और भी बिगड़ गई है।
3300 शिक्षकों के सापेक्ष करीब 2400 शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।
जिले में 751 प्राथमिक और 364 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। आरटीई के मुताबिक 1115 स्कूलों में कम से कम 3300 शिक्षक होने चाहिए। तीन साल पूर्व शिक्षकों की संख्या और जरूरत का आंकड़ा 100 से 200 के मध्य रहा लेकिन तीन साल के दौरान करीब 250 से अधिक शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए साथ ही इसी महीने में अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण से 350 शिक्षक अपने गृह जनपद में चले गए। रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्तियां कम होने से रिक्त पदों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।
शिक्षकों की कमी से 200 से शिक्षक विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित हो रहा है। करीब 100 विद्यालय एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं तो 100 विद्यालय में दो शिक्षक बचे हैं। स्थानान्तरण के बाद एकल विद्यालयों की संख्या बढ़ गई है। नई नियुक्तियां न होने से विद्यालयों के पठन-पाठन में सुधार नहीं हो रहा है। भले ही सरकार कुछ भी कहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि सभी ब्लॉकों से रिक्त पदों की सूची मंगाई गई है। शासन को भेजकर नियुक्तियों के लिए मांग   की जाएगी।
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