रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे रायबरेली में शुक्रवार को जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल शंकरपुर में शिक्षामित्र न होने पर इस तरह बैठकर मौज मस्ती करते बच्चे।
शिक्षामित्रों की हड़ताल से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शिक्षामित्रों के स्थान पर दूसरे शिक्षकों की तैनाती करके पठन-पाठन का कार्य कराने के अफसरों का दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो गया। एक भी स्कूल में पढ़ाई न शुरू हो सकी। नतीजतन बच्चे थोड़ी दे मौज-मस्ती कर घरों को लौट गए। हड़ताल से प्रभावित 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू करवाने के लिए 2200 शिक्षकों की जरूरत है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर कर पाना शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए आसान नहीं दिख रहा है।
जिले में 2600 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षाग्रहण कर रहे हैं। शिक्षामित्रों की हड़ताल से एक बार भी पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है। वैसे तो वैसे तो हर स्कूल में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित रहा, लेकिन 200 एकल स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से चौपट रही। नतीजतन ये 200 एकल स्कूल संचालित हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने गुरुवार को कहा था कि जहां पर स्कूल बंद हैं, वहां के नजदीक स्कूल में तैनात शिक्षकों को वहां पर पढ़ाई कराने के लिए भेजा जाएगा, लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। दूसरे दिन भी 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी।
बीईओ को दिए गए निर्देश : बीएसए
बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि जो स्कूल बंद हैं, वहां पर अन्य शिक्षकों की तैनाती के लिए बीईओ को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द व्यवस्था सही हो जाएगी।
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शिक्षामित्रों की हड़ताल से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शिक्षामित्रों के स्थान पर दूसरे शिक्षकों की तैनाती करके पठन-पाठन का कार्य कराने के अफसरों का दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो गया। एक भी स्कूल में पढ़ाई न शुरू हो सकी। नतीजतन बच्चे थोड़ी दे मौज-मस्ती कर घरों को लौट गए। हड़ताल से प्रभावित 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू करवाने के लिए 2200 शिक्षकों की जरूरत है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर कर पाना शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए आसान नहीं दिख रहा है।
जिले में 2600 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षाग्रहण कर रहे हैं। शिक्षामित्रों की हड़ताल से एक बार भी पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है। वैसे तो वैसे तो हर स्कूल में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित रहा, लेकिन 200 एकल स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से चौपट रही। नतीजतन ये 200 एकल स्कूल संचालित हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने गुरुवार को कहा था कि जहां पर स्कूल बंद हैं, वहां के नजदीक स्कूल में तैनात शिक्षकों को वहां पर पढ़ाई कराने के लिए भेजा जाएगा, लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। दूसरे दिन भी 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी।
बीईओ को दिए गए निर्देश : बीएसए
बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि जो स्कूल बंद हैं, वहां पर अन्य शिक्षकों की तैनाती के लिए बीईओ को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द व्यवस्था सही हो जाएगी।
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