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बेटे की पढ़ाई की ¨चता में शिक्षामित्र को हार्टअटैक, मौत

सीतापुर : अवसाद में चल रहे शिक्षामित्र की हृदयाघात से हुई मौत के बाद श्रवण कुमार का परिवार टूट गया है। मौत से तीन दिन पूर्व सीतापुर मुख्यालय स्थित एक निजी कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाले बेटे सनी को लिपटाकर रोते हुए कहा कि अब हम तुम्हें नहीं पढ़ा सकेंगे।
मौत से तीन दिन पहले बेटे को स्कूल जाने से भी रोक दिया था। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनोज मिश्र पीड़ित के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दिलाई।

पिसावां ब्लॉक के सहमतनगर निवासी विजय पाल के चार पुत्रों में सबसे बड़ा बेटा श्रवण कुमार शिक्षामित्र था। समायोजन के बाद श्रवण कुमार को बेहटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जालिमपुर मरोड़ में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हुए थे। बताते हैं कि शिक्षामित्र पद पर पुन: वापसी के निर्णय के बाद से श्रवण कुमार अवसाद से ग्रसित हो गया था। श्रवण का बड़ा पुत्र सनी सीतापुर स्थित एक कान्वेंट स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। छोटा पुत्र काले खीरी जिले के मैगलगंज कस्बा स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। श्रवण के पिता के पास 15 बीघा जमीन है, जिससे परिवार की जीविका चला पाना मुश्किल है। तीन दिसंबर को श्रवण ने सनी को परिवार के सदस्यों के सामने बुलाया और लिपटकर रोने लगा। श्रवण ने बेटे से कहा कि बेटा छह हजार रुपये अब तुम पर खर्च नहीं कर पाएंगे, क्योंकि चार हजार रुपये में हमारा पेट्रोल भी नहीं निकल सकेगा। इसके बाद 6 दिसंबर को श्रवण कुमार की हार्ट अटैक पड़ने से मौत हो गई। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्र परिवार की व्यथा सुनकर मिलने पहुंचे। मनोज मिश्र ने बताया कि श्रवण की मौत के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।
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