नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई परीक्षा के दसवीं और बारहवीं के
पेपर लीक मामले में दखल देने से बुधवार को इन्कार कर दिया। पेपर लीक मामले
में दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए इसने कहा कि कोर्ट इस संबंध में
आदेश नहीं दे सकता।
परीक्षा कराने के बारे में निर्णय लेना सीबीएसई के
अधिकार क्षेत्र में आता है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसएस बोबडे और एल नागेश्वर
राव की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। पीठ ने दोबारा परीक्षा
का विरोध करने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि हम सीबीएससी से नहीं
कह सकते कि वह दोबारा परीक्षा न कराए। कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले
छात्र को सलाह दी कि अगर दोबारा परीक्षा होती है, तो वे उसमें शामिल हों।
उधर दसवीं के छात्र की ओर से दोबारा परीक्षा के खिलाफ दाखिल याचिका पर
पैरवी करने वाले वकील ने कहा कि उसकी याचिका अब महत्वहीन हो गई है। सीबीएसई
ने दसवीं की गणित की परीक्षा दोबारा नहीं कराने की घोषणा की है। 1सुप्रीम
कोर्ट में कुल पांच याचिकाएं थीं, जिनमें दसवीं के गणित और बारहवीं के
अर्थशास्त्र पेपर लीक की सीबीआइ जांच मांगी गई थी। इसके साथ ही कुछ
याचिकाओं में दोबारा परीक्षा कराने का भी विरोध किया गया था।
sponsored links:
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- TET छूट बिल | क्या है वायरल खबर की सच्चाई?
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें