जागरण संवाददाता, मीरजापुर : समायोजित अथवा असमायोजित शिक्षामित्रों के
मानदेय के भुगतान में होने वाले विलंब के लिए खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ)
को उत्तरदायी ठहराया गया है। उनसे स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे हर महीने
की पांच तारीख तक शिक्षामित्रों के मानदेय का बिल अनिवार्य रूप से
प्रस्तुत कर दें। अन्यथा की स्थिति में बीईओ ही उत्तरदायी माने जाएंगे।
शासन के निर्देशानुसार समायोजित अथवा असमायोजित शिक्षामित्रों के साथ
अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक माह उनकी उपस्थिति एवं
बीईओ द्वारा प्रस्तुत किए गए बिल के आधार पर होता है। बीएसए कार्यालय का यह
निर्देश है कि प्रत्येक माह की पांच तारीख तक मानदेय का बिल भेज दिया जाए
लेकिन बीईओ कार्यालय से यह बिल 15 से 25 तारीख के बीच में भेजा जाता है।
इससे बिल के भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है। इस संबंध में शुक्रवार को
बीएसए ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि बिल निर्धारित तिथि के अंदर ही
भेजें। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि यदि बिल समय से आ जाए तो
उसका उसी माह में भुगतान कर दिया जाए लेकिन विलंब से बिल मिलने पर उसी माह
में भुगतान हो पाना काफी मुश्किल होता है। इसके लिए सभी बीईओ को निर्देश
दिए गए हैं।
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