देवरिया। जिले में सरप्लस (अतिरिक्त) शिक्षकों के समायोजन (Teacher Adjustment) के लिए आयोजित काउंसलिंग में शिक्षकों की भागीदारी बहुत कम रही। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित काउंसलिंग में 98 बुलाए गए शिक्षकों में से महज 10 शिक्षकों ने ही अपना समायोजन कराया।
📍 काउंसलिंग में क्या हुआ?
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मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की मौजूदगी में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की काउंसलिंग शुरू हुई थी।
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प्राथमिक स्तर के 225 शिक्षकों में से 153 ने पहले ही दिन समायोजन किया, जबकि 72 अनुपस्थित रहे।
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उच्च प्राथमिक के 64 में से 38 ने समायोजन कराया, लेकिन 26 शिक्षक अनुपस्थित रहे।
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अनुपस्थित शिक्षकों को बुधवार को दोबारा बुलाया गया, लेकिन केवल 6 प्राथमिक और 4 उच्च प्राथमिक शिक्षक ही समायोजन के लिए आए।
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अधिकांश शिक्षक नाम पुकारे जाने पर कार्यालय परिसर से बाहर चले गए और समायोजन में कोई रुचि नहीं दिखाई।
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अब जो शिक्षकों ने भाग नहीं लिया, उनके स्कूल आवंटन का निर्णय समिति द्वारा किया जाएगा।
📌 क्या है सरप्लस समायोजन अभियान?
सरकार के निर्देश के तहत बेसिक शिक्षा विभाग सरप्लस शिक्षकों को उन परिषदीय विद्यालयों में भेजना चाहता है, जहां शिक्षकों की कमी है। इसके लिए काउंसलिंग यानी विकल्प देने की प्रक्रिया आयोजित की जाती है, ताकि शिक्षक स्वयं अपने विकल्प चुन सकें। यदि शिक्षक इसमें भाग नहीं लेते, तो विभाग अन्य मानदंडों के आधार पर उन्हें भेज सकता है।
📌 असर और आगे की कार्रवाई
आगामी सूची में उन शिक्षकों के नाम शामिल किए जाएंगे जिन्होंने समायोजन नहीं कराया। समिति समीक्षा के बाद शिक्षकों का अनिवार्य स्थानांतरण या विद्यालय आवंटन जारी करेगी।