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🔴 सरकारी स्कूल में बड़ा घोटाला: प्रधानाध्यापक ने किताबें कबाड़ी को बेचीं

 

Primary School Book Scam | Headmaster Book Selling Case | UP Education News

नगराम (लखनऊ)। सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आई पाठ्यपुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं को कबाड़ी को बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर सरकारी किताबें 11 रुपये प्रति किलो की दर से रद्दी में बेचने का आरोप सिद्ध हुआ है।

यह खुलासा मोहनलालगंज खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुशील कनौजिया की जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो क्विंटल (200 किलो) सरकारी किताबें और कार्य पुस्तिकाएं कबाड़ी को बेची गईं।


📹 सोशल मीडिया वीडियो से खुला मामला

मंगलवार को सोशल मीडिया पर ठेले में सरकारी किताबें ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।

बुधवार को सर्दियों की छुट्टी के कारण विद्यालय बंद था। इसके बावजूद बीईओ जांच के लिए स्कूल पहुंचे और रसोइया के बेटे से चाबी मंगवाकर विद्यालय का ताला खुलवाया। ग्रामीणों और बच्चों की मौजूदगी में जांच प्रक्रिया शुरू की गई।


⚖️ कबाड़ी का बयान बना अहम सबूत

ग्रामीणों की सूचना पर करोरा बाजार के कबाड़ी मोनू को स्कूल बुलाया गया।
कबाड़ी ने अपने बयान में बताया कि—

  • सौदा प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता ने तय किया

  • 11 रुपये प्रति किलो की दर से किताबें खरीदी गईं

  • कुल वजन 200 किलो था

  • मौके पर उसने 450 रुपये नकद दिए

  • शेष राशि दुकान पर देने का वादा किया गया

किताबों की तौल के समय शिक्षक पंकजमणि त्रिपाठी भी मौजूद थे, हालांकि जांच में उनकी भूमिका दोषपूर्ण नहीं पाई गई।


🧾 जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक दोषी

खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कनौजिया ने बताया कि—

  • सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए

  • जांच में प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता दोषी पाए गए

  • शिक्षक पंकजमणि त्रिपाठी की संलिप्तता नहीं मिली

  • पूरी रिपोर्ट बीएसए को कार्रवाई हेतु भेज दी गई है

बीएसए ने कहा है कि रिपोर्ट के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।


🚨 बच्चों से झाड़ू लगवाने का भी आरोप

जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि—

  • उनसे स्कूल में झाड़ू लगवाई जाती थी

  • बीईओ ने बच्चों के बयान भी रिकॉर्ड किए हैं

यह मामला अब केवल किताबों की बिक्री तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बाल श्रम और शैक्षिक अधिकारों के उल्लंघन की दिशा में भी जांच बढ़ सकती है।


📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights)

✔️ सरकारी किताबें रद्दी में बेची गईं
✔️ 200 किलो किताबें, 11 रुपये किलो का सौदा
✔️ सोशल मीडिया वीडियो से खुला मामला
✔️ बीईओ जांच में हेडमास्टर दोषी
✔️ रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई
✔️ बच्चों से झाड़ू लगवाने का आरोप भी सामने आया

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