बस्ती। शासन के निर्देश पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में समायोजन (Teacher Adjustment / Transfer) को लेकर शिक्षकों में आक्रोश फैल गया है।
बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक डीएम और बीएसए कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों के साथ न्यायपूर्ण और नियम संगत समायोजन किया जाएगा।📌 शिक्षकों की मुख्य मांगें
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जो शिक्षक सरप्लस हैं, उन्हें एकल और बंद विद्यालयों में भेजने के लिए संगत काउंसलिंग की जाए।
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मनमाने तरीके से बंद और एकल विद्यालयों की सूची और सरप्लस शिक्षकों की जानकारी जारी नहीं की गई।
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शिक्षक चाहते हैं कि वास्तविक आवश्यकता वाले विद्यालय दिखाए जाएं ताकि संतुलित समायोजन हो सके।
⚠️ अनियमितताओं का आरोप
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कम छात्र संख्या दिखाकर कई शिक्षकों को सरप्लस दिखाया गया।
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मृतक या पहले से स्थानांतरित शिक्षक अब भी सूची में दिख रहे हैं।
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वास्तव में जिन विद्यालयों में शिक्षक की जरूरत है, उनका नाम सूची में गायब है।
🗣️ शिक्षक नेताओं का बयान
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जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो शिक्षक आंदोलन अनिवार्य होगा।
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जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने भी कहा कि समायोजन में भारी अनियमितता देखने को मिल रही है।
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जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव और जिला उपाध्यक्ष रवीश कुमार मिश्र ने भी न्यायपूर्ण कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
👥 कौन-कौन शामिल रहे
इस दौरान उपस्थित शिक्षक नेता और सदस्य:
अर्चना सेन, विजया यादव, बिन्दुमती, कमला यादव, अजय श्रीवास्तव, अशोक यादव, राजीव सिंह, रुकनुद्दीन, संजय यादव, सनद पटेल, रामजीत यादव, विवेककांत पांडेय, रामपियारे कन्नौजिया, अभिषेक मौर्य, सुरेश गौड़, उमाकांत शुक्ल, प्रमोद सिंह आदि।