भदोही (ज्ञानपुर)। मदरसा शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भदोही जिले के मदरसा अरबिया मदीन्तुल इल्म पीरखापुर में सहायक अध्यापक (आलिया) पद पर कार्यरत शिक्षक को फर्जी शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर करीब 30 वर्षों तक नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।
मामला सामने आने के बाद मदरसा बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षक रजव अली की सेवा समाप्त कर दी। उल्लेखनीय है कि एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इसी मदरसे के एक अन्य शिक्षक को भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में हटाया जा चुका है।
जांच में सामने आई गंभीर विसंगतियां
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में यह पाया गया कि शिक्षक के शैक्षणिक रिकॉर्ड में गंभीर विरोधाभास हैं। अभिलेखों के अनुसार, एक ही अवधि में अलग-अलग जिलों में अध्ययन और अध्यापन दिखाया गया, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
इसके अलावा आलिया पद पर नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन की प्रति भी तिथि रहित पाई गई, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
पक्ष रखने के कई अवसर, फिर भी नहीं मिले ठोस प्रमाण
जांच समिति ने शिक्षक को तीन बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन वह अपने पक्ष में ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मदरसा परिषद ने सेवा समाप्ति का निर्णय लिया।
पुराने ऑफलाइन सिस्टम से बढ़ी अनियमितताएं
अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में नियुक्तियां ऑफलाइन प्रक्रिया से की जाती थीं, जिसमें दस्तावेजों का समुचित सत्यापन नहीं हो पाया। इसी कारण वर्षों तक फर्जी नियुक्तियां चलती रहीं और सरकारी धन का दुरुपयोग होता रहा।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
मदरसा शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि अन्य मदरसों में भी नियुक्तियों की जांच जारी रहेगी। यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
