BRC Vacancy UP | DPO Posts Vacant | Teacher Workload Increase | Basic Education Department News
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों पर प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह डीपीओ (जिला परियोजना कार्यालय) और बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में लंबे समय से खाली पड़े पद हैं। इन रिक्तियों के चलते वह कार्य, जो तकनीकी कर्मियों को करना था, अब सीधे शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को करना पड़ रहा है।
✅ तकनीकी कार्यों का बोझ शिक्षकों पर
नियमों के अनुसार स्कूलों से जुड़े कई तकनीकी और डाटा एंट्री कार्य बीआरसी में तैनात कर्मचारियों द्वारा किए जाने थे, जैसे—
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DBT (Direct Benefit Transfer) से संबंधित डाटा
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MDM (मिड-डे मील) रिपोर्टिंग
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छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति
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यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर प्रतिदिन डाटा फीडिंग
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विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग
लेकिन कर्मचारियों के अभाव में ये सभी कार्य अब शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को स्वयं करने पड़ रहे हैं।
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U-DISE Portal Data Entry, Teacher Administrative Work, Education Management System
📌 डीपीओ और बीआरसी में रिक्त पदों की गंभीर स्थिति
प्रदेश में डीपीओ और बीआरसी में रिक्तियों की स्थिति बेहद चिंताजनक है—
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प्रदेश में डीपीओ + बीआरसी के कुल स्वीकृत पद: 4,279
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इनमें से आधे से अधिक पद रिक्त पड़े हैं
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अधिकांश जिलों और ब्लॉकों में सृजित पदों की तुलना में 50% से ज्यादा पद खाली
High CPC Keywords:
Government Vacancy in Education Department, UP Education Recruitment
🚨 बहराइच की स्थिति सबसे खराब
रिक्त पदों की स्थिति का सबसे गंभीर उदाहरण बहराइच जिला है—
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डीपीओ में सृजित पद: 13
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सभी बीआरसी में सृजित पद: 60
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कुल सृजित पद: 73
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भरे हुए पद: मात्र 4
👉 यानी बहराइच में सिर्फ 5% पद ही भरे हुए हैं, जबकि 95% पद खाली पड़े हैं।
🗣️ शिक्षक संगठनों की मांग तेज
इस स्थिति को देखते हुए अब शिक्षक संगठन—
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केवल शिक्षकों की भर्ती ही नहीं
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बल्कि डीपीओ और बीआरसी के रिक्त पदों को तत्काल भरने
की भी मांग कर रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक—
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शिक्षकों का मूल कार्य पढ़ाना प्रभावित होगा
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शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ेगा
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शिक्षक मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर रहेंगे
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Teacher Union Demand, Education Policy UP, Government Teacher Issues
📊 शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता प्रभाव
डीपीओ और बीआरसी की रिक्तियों का सीधा असर—
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शैक्षिक गुणवत्ता
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छात्रों के डाटा की सटीकता
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योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन
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और शिक्षकों के मनोबल
पर पड़ रहा है।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश में बीआरसी और डीपीओ के खाली पद अब केवल प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की बड़ी चुनौती बन चुके हैं। यदि सरकार समय रहते इन पदों को नहीं भरती, तो शिक्षकों पर बढ़ता बोझ शिक्षा के मूल उद्देश्य को कमजोर कर सकता है। शिक्षक संगठनों की मांग है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि शिक्षक पूरी क्षमता से बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।