Uttar Pradesh Private Schools Grant | शिक्षा समाचार | Private School Funding | High CPC Keywords
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को अनुदान देने के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह राज्य सरकार का नीतिगत निर्णय है और इसमें न्यायिक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
🔹 हाईकोर्ट का फैसला
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एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अपीलों को खंडपीठ ने स्वीकार किया।
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कोर्ट ने कहा कि अनुदान प्राप्त करना किसी शैक्षणिक संस्था का मौलिक अधिकार नहीं है।
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अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके लिए निजी स्कूलों को अनिवार्य रूप से अनुदान देना सरकार पर बाध्यकारी नहीं है।
🏫 शिक्षकों के वेतन पर आदेश नहीं
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हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के शिक्षकों को वेतन देने का निर्देश देने से भी इंकार किया।
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केवल उन्हीं शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन का लाभ मिलेगा, जिनकी नियुक्ति निर्धारित योग्यता और प्रक्रिया के अनुसार की गई हो।
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कोर्ट ने कहा कि अनुदान देने या न देने का निर्णय पूरी तरह सरकार की नीति पर निर्भर करता है।
🔹 निष्कर्ष और प्रभाव
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प्रदेश के कई निजी विद्यालयों से जुड़े मामलों में अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।
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यह निर्णय निजी स्कूल फंडिंग, शिक्षक वेतन और सरकारी अनुदान नीति को लेकर विवादों में मार्गदर्शक साबित होगा।