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ट्यूशन पढ़ा सकते हैं सरकारी स्कूल के शिक्षक

स्कूल के लिए निर्धारित समय से दो घंटे पूर्व और दो घंटे बाद सरकारी शिक्षकों की ट्यूशन पर पाबंदी के आदेश को हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताया है।

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जम्मू विंग वेकेशन जज जस्टिस बीएस वालिया ने शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव और स्कूली शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन का निर्देश दिया गया है।
आदेश के अनुसार सरकारी शिक्षक स्कूल समय से दो घंटे पूर्व और दो घंटे बाद ट्यूशन पढ़ा सकते हैं। याची पक्ष की ओर से कोर्ट में पेश हुए एडवोकेट सुनील सेठी और एडवोकेट वीनू गुप्ता ने कहा 11 अगस्त 2005 के आदेश में राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया था कि वह शिक्षकों को ट्यूशन और डाक्टरों को निजी प्रेक्टिस की अनुमति दे सकती है।

इसके लिए सरकारी समय से दो घंटे पूर्व और दो घंटे बाद के समय को निर्धारित किया गया। इस निर्णय को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई।
इस पर डिविजन बेंच ने डॉक्टरों की निजी प्रेक्टिस और शिक्षकों की निजी ट्यूशन पर रोक लगा दी। लेकिन, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डिविजन बेंच द्वारा लगाई गई रोक के आदेश पर रोक लगा दी। तब से सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही प्रभावी है। दलीलें सुनने के बाद जस्टिस बीएस वालिया ने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा।
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