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छह साल की शिक्षक भर्ती की होगी जांच , 17 और संदिग्ध के नाम आए सामने

जागरण संवाददाता, आगरा : बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्तियों का जिन्न फिर बाहर निकल आया है। विशिष्ट बीटीसी में छह साल से फर्जी नियुक्ति पर नौकरी करने वाली शिक्षक का मामला सामने आने के बाद बीएसए ने पांच साल की नियुक्तियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने की संभावना है।
वर्ष 2010 में बेसिक शिक्षा विभाग में विशिष्ट बीटीसी में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति हुई थी। इन नियुक्तियों में बड़े स्तर पर फर्जीवाडे़ की शिकायत हुई है। शिकायत में एक महिला शिक्षक की नियुक्ति फर्जी पाई गई है। इतना ही नहीं 17 और संदिग्ध के नाम सामने आए हैं। ऐसे में बीएसए दिनेश यादव ने वर्ष 2006 से 2011 तक विभाग में हुई सभी नियुक्तियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने सभी ब्लॉक से नियुक्तियों की जानकारी मांगी है। पांच साल में नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की भी जांच कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इसमें फर्जी नियुक्ति पत्रों से नौकरी करने वाले कई शिक्षकों के नाम सामने आ सकते हैं। बीएसए ने बताया कि फर्जी तरीके से नियुक्ति की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
लेखा कार्यालय की भूमिका भी संदिग्ध

फर्जी नियुक्ति में लेखा कार्यालय की भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों की मानें तो फर्जी नियुक्ति के कॉकस में लेखा विभाग के कुछ बाबू भी शामिल रहे हैं। इनकी मिलीभगत से ही फर्जी शिक्षकों के वेतन लगाए गए। ललिता बघेल के मामले में भी यही बात सामने आ रही है। इसके लिए बीएसए ने पांच साल की नियुक्तियों की पहले वेतन की फाइल भी तलब की है।
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