Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

बीपीएड दाखिलों में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा- 40 प्रतिशत तक से ज्यादा दाखिले नियम विरुद्ध किए जाने की बात आई सामने, अब अधिकारी एक दूसरे पर मढ़ रहे दोष

लखनऊ विश्वविद्यालय में बीपीएड विभाग में हुए दाखिले बिना सत्यापन के ही कर दिए गए हैं। एक छात्र को फर्जी तरीके से दाखिले के खुलासे के बाद अब और भी मामले सामने आने लगे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो, तकरीबन 40 प्रतिशत दाखिलों में नियमों से खिलवाड़ किए जाने की बात सामने आ रही है। उधर, जिम्मेदार अब इस पूरे प्रकरण में बचते नजर आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष से लेकर एडमीशन सेल के जिम्मेदार एक दूसरे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।


लखनऊ विश्वविद्यालय के बीपीएड पाठ्यक्रम में दाखिले विभागीय स्तर पर होते रहे हैं। लेकिन, वर्तमान सत्र में दाखिले की प्रक्रिया में बदलाव कर विभाग के किसी भी शिक्षक को शामिल ही नहीं किया गया।

यह है नियम : एनसीटीई के मानकों के अनुसार फिजिकल एजुकेशन विषय के साथ स्नातक करने वाले सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों की अर्हता 45 प्रतिशत और एससी एसटी की 40 प्रतिशत है। जबकि बिना फीजिकल एजुकेशन के स्नातकों के लिए 50 व 45 प्रतिशत अर्हता निर्धारित है। इसके अलावा स्पोर्ट्स का प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

यह हुआ खेल : कई छात्रों के पास खेलकूद का कोई प्रमाण पत्र न होने पर भी दाखिले कर दिए गए। इतना ही नहीं, इस बार किसी का मेडिकल भी नहीं कराया गया। जबकि, यह प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा रहा है।

कोट-----


यह विभाग की गलती है। दाखिले में दो स्तरीय सत्यापन की व्यवस्था है। अगर कोई चूक एडमीशन सेल के स्तर पर हुई है तो उसे पकड़ना विभाग की जिम्मेदारी है। एमबीए में भी ऐसे केस सामने आए थे। जहां, विभाग के स्तर पर पकड़े गए। यहां गलती विभाग की है।

- प्रो. अनिल मिश्र, समन्वयक, एडमीशन सेल

कोट--------

प्रवेश समन्वयक ने छात्रों की सूची भेजी थी। उसी के आधार पर दाखिले लिए गए हैं। ऐसे में हमे कैसे पता चलेगा कि छात्र अर्ह है या नहीं। इस बार विभाग में वैरिफिकेशन नहीं हुआ। एडमिशन को-ऑर्डिनेटर ने एडमिशन कर लिस्ट हमे भेज दी। -

प्रो पीसी मिश्रा, हेड फीजिकल एजुकेशन व डीन आर्ट्स

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news