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महिला शिक्षामित्र की जगह विद्यालय में पढ़ाते मिले पिता

महोबा। जिलाधिकारी सहदेव ने गुरुवार को शहर के मोहल्ला सराफीपुरा में स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण में चौंकाने वाली बात सामने आई। विद्यालय सिर्फ एक ही शिक्षा मित्र दीप्ति पटैरिया के भरोसे संचालित मिला।


वह भी पिछले तीन माह से मातृृत्व अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर उनके पिता इच्छाराम पटैरिया अध्यापन कार्य कराते मिले। डीएम ने बीएसए व एबीएसए को जिम्मेदार मानते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।

जिलाधिकारी के निरीक्षण दौरान उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार 137 में से 99 विद्यार्थी उपस्थित मिले। तैनात महिला शिक्षामित्र दीप्ति पटैरिया के अवकाश पर होने के चलते उसके स्थान पर पिता पढ़ाते मिले। जिनके पास अध्यापन के लिए न कोई आदेश है और न ही कोई कार्य अनुभव है। हैरान करने वाली बात यह है कि इच्छाराम पटैरिया पिछले तीन माह से अपनी बेटी के स्थान पर उपस्थिति रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं।
इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कराने और इसके जिम्मेदार बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण दौरान बच्चों ने बताया कि उन्हें एक ही जोड़ी ड्रेस वितरित की गई है जबकि शासन द्वारा दो जोड़ी ड्रेस वितरण करने का आदेश है।

आंगनबाड़ी केंद्र में नही मिला एक भी बच्चा
महोबा। विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान केन्द्र में 3 से 6 वर्ष तक के कुल 46 बच्चे पंजीकृृत हैं। मौके पर एक भी बच्चा केंद्र पर नहीं मिला और न ही रजिस्टर में किसी की उपस्थिति दर्ज की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्री क्रांति चौरसिया ने बताया कि 15 बच्चे आए थे जिनकों पोषाहार वितरित किया गया।

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