Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

विदेश में नौकरी के लिए राज्यों को बनानी होगी सरकारी एजेंसी, धोखाधड़ी रोकने के लिए विदेश मंत्रालय की पहल

नई दिल्ली। विदेशों में रोजगार के बढ़ते अवसरों के साथ भारतीयों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए भारत का विदेश मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कम से कम एक सरकारी एजेंसी का गठन करें

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह पहल एक संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद की जा रही है, ताकि विदेश जाने वाले लोगों को सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया मिल सके।


निजी एजेंसियों के झांसे से बचेंगे लोग

सरकारी एजेंसियों के गठन के बाद मंत्रालय उन देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते भी कराएगा, जहां रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं। इससे विदेश जाने वाले लोगों को निजी एजेंसियों के झांसे में नहीं फंसना पड़ेगा।

कई निजी एजेंसियां मोटा शुल्क वसूलने के साथ-साथ गैरकानूनी तरीकों से विदेश भेजने का काम करती हैं।

पिछले साल ही करीब 40 हजार निर्माण श्रमिक सरकारी एजेंसियों के माध्यम से इजरायल भेजे गए थे।


12 राज्यों में पहले से 14 सरकारी एजेंसियां

वर्तमान में 12 राज्यों में 14 सरकारी एजेंसियां विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं।

सबसे अधिक तीन एजेंसियां केरल में हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • NORKA Roots

  • Overseas Development and Employment Promotion Consultants

  • Overseas Development Corporation

इसके अलावा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में एक-एक एजेंसी काम कर रही है।

उदाहरण के तौर पर:

  • उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन

  • State Overseas Placement Bureau

  • Pan IIT Alumni Reach for Jharkhand Foundation


विदेश जाने वालों को मिलेंगे कई फायदे

विदेश मंत्रालय के अनुसार सरकारी एजेंसियों के जरिए विदेश जाने वाले लोगों को कई लाभ मिलेंगे:

  • उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी की संभावना कम होगी

  • अनावश्यक शुल्क वसूली से बचाव

  • सरकारी योजनाओं जैसे बीमा का लाभ

  • आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से मदद

  • महिला कर्मचारियों को शोषण से सुरक्षा

मंत्रालय ने यह भी नियम बनाया है कि यदि 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई महिला रोजगार के लिए 18 इमीग्रेशन जांच आवश्यक देशों में जाती है, तो उसे इन्हीं सरकारी एजेंसियों के माध्यम से जाना होगा।


विदेश रोजगार से जुड़ी खास बातें

1️⃣ हर साल 5–7 लाख भारतीय विदेश रोजगार के लिए जाते हैं, अगले पांच वर्षों में यह संख्या दोगुनी हो सकती है।

2️⃣ रूस, इजरायल, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के साथ भारत ने रोजगार संबंधी समझौते किए हैं।

3️⃣ इजरायल ने 5 वर्षों में 50 हजार और रूस ने 10 लाख रोजगार देने की घोषणा की है।

4️⃣ भारत दुनिया के सबसे युवा आबादी वाले देशों में है, इसलिए विदेशों में भारतीयों की मांग बढ़ रही है।

5️⃣ सरकार युवाओं को रोजगार की जरूरत के अनुसार कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) भी करा रही है।

6️⃣ विदेशों में भारतीयों के लिए निचले और उच्च दोनों स्तर के रोजगार उपलब्ध हैं।

7️⃣ यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में डॉक्टरों और इंजीनियरों के लिए अच्छे अवसर हैं।

8️⃣ मध्य पूर्व, रूस आदि देशों में निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग, होटल-रेस्तरां और सर्विस सेक्टर में रोजगार के मौके हैं।

9️⃣ पिछले साल सरकार ने करीब 3500 एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए थे, जिन पर गड़बड़ी के आरोप थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news