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सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर के अनुपालन में, शिक्षामित्रों को राहत देने के विकल्प पर,दबाव बनने पर निम्न मंथन हो सकता है?

*सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर के अनुपालन में, शिक्षामित्रों को राहत देने के विकल्प पर,दबाव बनने पर निम्न मंथन हो सकता है*?मित्रों, दिनांक 25 जुलाई 2017  को दिये गये माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में योगी सरकार  शिक्षामित्रों के लिये निम्न राहत दे सकती है।

(1) सभी शिक्षामित्रों को समान कार्य एवं समान वेतन के नियम के तहत सम्मानजनक मानदेय दे सकती है। यह योगी सरकार की व्यवस्था व इच्छा शक्ति पर निर्भर है कि, कितना देगी?
(2)  जो शिक्षामित्र tet उत्तीर्ण है और आगामी tet परीक्षा में उत्तीर्ण होगे,उन्हे भर्ती में शामिल किया जा सकता है।(वेटेज अभी 2.5अंकप्रति वर्ष अधिकतम 25 अंक प्रस्तावित है)।इसके साथ दो भर्तियों का जो बाध्यता है उसमें योगी सरकार अध्यादेश लाकरके छूट दे सकती है,जो सदैव के लिये हो जायेगी ,जिससे भविष्य में,जो भी tet उत्तीर्ण होगे, शिक्षक बन सकते है।
(3)  कोर्ट ने 2 भर्तियों तक ही शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति का निर्देश दिया है। gov, rte मानक के तहत सहायक अध्यापक की  सीटों को भरते हुए शिक्षा मित्र को जन कल्याण  हेतु शिक्षण कार्य का  हवाला देते हुए अन्य शिक्षकों की तरह 62वर्ष तक सेवा ले सकती है।
*अतिरिक्त विकल्पों में सरकार चाहे तॊ रिव्यूपिटिसन/मॉडिफिकेशन दाखिल कर सकती है जो कोर्ट से संशोधित होने के अवसर उपलब्ध करायेंगे।इतर जाकर संसद में अध्यादेश का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है (ये कोर्ट का अनुपालन न होने के कारण मुश्किल कार्य है पर असम्भव नही)*।
बाकी सब कुछ शिक्षामित्रों के संघर्ष पर, भविष्य निर्भर करेगा..
सधन्यवाद..
*प्रदीप पाल, नगर क्षेत्र, इलाहाबाद*
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