जागरण संवाददाता, बरेली : महिला शिक्षामित्रों को ससुराल में तैनाती का
रास्ता साफ हो गया है। सहायक अध्यापक बनने के बाद शिक्षामित्रों को दूसरे
विद्यालय में तैनाती मिली थी।
अब उच्चतम न्यायालय से समायोजन रद्द होने पर
मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाएगा। ऐसे में महिला शिक्षामित्रों के पास
ससुराल में स्थित विद्यालय में तैनाती पाने का विकल्प भी रहेगा। शुक्रवार
को बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस में सभी जनपदों के
बीएसए को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। निर्देशों के मिलते ही अफसरों ने
कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिन ग्राम पंचायत या नगर निकाय के शिक्षामित्र रहने वाले थे, वहां
स्थित परिषदीय विद्यालयों में उन्हें मूल तैनाती मिली थी। सहायक अध्यापक पर
समायोजित होने पर शिक्षामित्रों को बेहतर वेतन के साथ मूल विद्यालय से
अन्य में कार्यरत किया गया। ऐसे में अधिकांश को दूर तैनाती मिली। कोर्ट के
आदेश पर फिर से शिक्षामित्र बन गए। मिलने वाला करीब 30, 000 वेतन भी बंद हो
गया। करीब 10,000 मानदेय पर पहुंच गए। ऐसे में विद्यालय आने-जाने में
आर्थिक परेशानियों से जूझने लगे। महिला शिक्षामित्र भी मायके व ससुराल से
दूर हो गई, लेकिन अब उनकी पीड़ा को विभाग ने समझकर निर्देश जारी किए हैं।
वर्जन--
मूल विद्यालयों में जाने या ससुराल में जाने के लिए महिला शिक्षामित्र
आवेदन कर सकती है। शिक्षामित्रों को मूल विद्यालयों में वापस भेजने के
संबंध में हुई वीडियो कांफ्रेंस में यह निर्देश मिले हैं।
--तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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