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ओबीसी बनकर हथियाई थी सरकारी नौकरी

 सीतापुर : क्षेत्र के उरदौली गांव निवासी प्रमोद गुप्ता ने महोली कस्बे के पूर्वी मास्टर कॉलोनी निवासी अपने सगे साले विजय गुप्ता, मिथिलेश गुप्ता पुत्रगण स्व. डोरेलाल गुप्ता, नवनीत गुप्ता पुत्र विजय गुप्ता, प्रियंका गुप्ता पुत्री
विजय गुप्ता तथा बीना गुप्ता पत्नी मिथिलेश गुप्ता के विरुद्ध बीएसए, डीएम, सीएम से प्रमाण सहित शिकायत करते हुए टीईटी की परीक्षा में जनरल वर्ग व शिक्षक भर्ती के दौरान ओबीसी हो जाने का आरोप लगाया था। जांच करने की बजाय जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले में हीला हवाली करते रहे। विवश होकर प्रमोद ने हाईकोर्ट जाने की तैयारी की, लेकिन 29 सितंबर को उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। हत्या के आरोप में शिक्षक विजय, मिथिलेश व नवनीत जेल में हैं। प्रमोद की हत्या के दो दिन बाद बीएसए अजय कुमार ने महोली एसडीएम नीरज प्रसाद पटेल को पत्रावली भेज कर उनसे आरोपित शिक्षकों के पैतृक गांव बछवल व स्थायी आवास पूर्वी मास्टर कालोनी नगर महोली से उनकी जाति प्रमाणित किये जाने का अनुरोध किया। पांच सदस्यीय टीम के स्तर से शुरू की गयी जांच में 67 वर्ष पुराने सरकारी अभिलेख खंगाले गये। सन 1359 फसली खतौनी पर हत्यारोपित शिक्षक विजय व मिथिलेश के पूर्वज (बाबा) तुलसीराम की जाति वैश्य लिखी हुई है। इसके साथ ही बीएसए कार्यालय से भेजी गयी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फाइल में भी बीना गुप्ता और नवनीत गुप्ता के सामान्य वर्ग के होने की पुष्टि हुई है। विजय, मिथिलेश और प्रियंका की जाति प्रमाण पत्र की जांच जारी है।

वर्जन
बीएसए कार्यालय से मांगे गए पांच में से दो अध्यापकों के अभिलेख मिले हैं। जांच में दोनों के सामान्य वर्ग के होने की पुष्टि हुई है। तीन अध्यापकों के शैक्षिक अभिलेख मिलना अभी शेष हैं।

अभिमन्यु वर्मा, तहसीलदार 

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