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मांगों के लिए बीएसए दफ्तर पर गरजे शिक्षा मित्र

बहजोई। अपनी मांगों के लिए जिले भर के शिक्षा मित्रों ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले बीएसए दफ्तर पर एक दिवसीय धरना दिया।
प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने अपने विचार रखे। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून आने के बाद प्रदेश की सरकार ने शिक्षा मित्रों को दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण कराकर करीब 1 लाख 37 हजार शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा मित्रों के समायोजन को निरस्त कर दिया गया। समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षा मित्र आर्थिक तंगी व अवसाद से गुजरने लगे। इसी के चलते कई शिक्षा मित्रों की मौत हो गई।
कई बार प्रदेश की भाजपा सरकार से समस्याओं के निराकरण को गुहार लगाई। इसके बाद उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी गठित कर दी गई, लेकिन अभी तक कोई निराकरण नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को अध्यादेश लाकर पुन अध्यापक पद पर बहाल करने, स्थायी पद व वेतनमान देकर भविष्य सुरक्षित करने, मृतक शिक्षा मित्रों के परिजनों को उचित मुआवजा व एक परिजन को नौकरी देने, 69 हजार शिक्षक भर्ती में शिक्षा मित्रों को मौका देने समेत अन्य मांगे शामिल हैं।
शिक्षा मित्रों का कहना था कि मांगें पूूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर हरीश चंद्र शर्मा, शैलेश यादव, पदम सिंह, नेमपाल सिंह, किशन स्वरूप, हरीश कुमार, नरेश चंद्र प्रजापति, रविंद्र खारी, सत्यपाल सिंह, ज्ञानचंद्र, रितु शर्मा, साधना आदि मौजूद रहे। 

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