इलाहाबाद : शिक्षक भर्ती में लगे अफसर फिर सरकार की किरकिरी करा रहे
हैं। पुख्ता तैयारियां न होने से उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी का
सर्वर ऐन वक्त पर दगा दे गया है।
लगातार पांचवें दिन हजारों अभ्यर्थी
साइबर कैफे व निजी लैपटॉप पर आवेदन करने के लिए रात-दिन जूझ रहे हैं, फिर
भी आवेदन पूरा होने का नाम ले रहा है। शुक्रवार को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड)
न आने से हंगामा मचा रहा।
परिषद के प्राथमिक स्कूलों की अगली शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा दिसंबर
में प्रस्तावित है। 17 सितंबर से यूपी के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। ज्ञात
हो कि टीईटी उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा में शामिल हो
सकते हैं। पांच दिन तक पंजीकरण और आवेदन की वेबसाइट सही चली, हर दिन करीब
एक लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद सर्वर धीमा हो गया, कुछ
जिलों में सर्वर बिल्कुल काम ही नहीं कर रहा है। अभ्यर्थी कहते हैं कि पहले
आवेदन में ही समस्या आई, क्योंकि ऑनलाइन फीस जमा करा रहे हैं। इसमें उनके
खाते से पैसा कट रहा है लेकिन उसकी रसीद नहीं आ रही। जिन्हें घंटों इंतजार
के बाद रसीद भी मिली उनके शुल्क जमा करने को सर्वर वेरीफाई नहीं कर रहा है,
इसलिए आवेदन पूरा नहीं हो रहा है। शुक्रवार को ओटीपी न आने की समस्या और
गहरा गई है।
टीईटी में चार अक्टूबर तक ही आवेदन लिया जाना है। अब केवल छह दिन बचे हैं।
अब सर्वर पर और बढ़ेगा लोड
अफसर भले ही यह दावा कर रहे हैं कि हालात जल्द ठीक होंगे लेकिन, अब सर्वर
शुरू होने पर लोड एकाएक और बढ़ेगा, क्योंकि आवेदन का समय बहुत कम है। छह
दिन में करीब दस लाख से अधिक आवेदन होने की उम्मीद है।
अब समय बढ़ने के आसार नहीं
अफसरों के सामने समस्या यह है कि वे आवेदन का समय और नहीं बढ़ा सकते हैं,
क्योंकि आवेदन पूरा होने के ठीक एक माह बाद परीक्षा होनी है, इस बीच
प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट, परीक्षा केंद्र, प्रवेशपत्र जैसी तमाम तैयारियां
पूरी करनी हैं।
हर परीक्षा में सर्वर ने दिया दगा
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की लगभग हर परीक्षा के लिए आवेदन होने
पर सर्वर ने दगा दिया है। उसके बाद भी अफसरों ने इसका संज्ञान नहीं लिया
है। वहीं, यूपी बोर्ड में हर साल 50 लाख से अधिक आवेदन होते हैं लेकिन,
सर्वर की गड़बड़ी कभी सामने नहीं आई।
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