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सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी

कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस ने मंगलवार शाम कानपुर देहात के चंदनपुर गांव में छापेमारी की। यहां रहने वाली सरिता यादव के मकान में ताला लटकता मिला। इस पर 


पुलिस ने ग्रामीणों से सरिता और उसके परिजनों के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने कथित अनामिका और सरिता यादव की फोटो का मिलान कराया तो दोनों तस्वीर एक ही युवती निकली। इस आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने दावा किया है कि प्रयागराज में अनामिका शुक्ला बनकर सरिता ही नौकरी कर रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। दरअसल, अलीगढ़ पुलिस ने कुछ दिन पहले फर्जी अनामिका मामले की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी कर रही थी। इसकी जानकारी होने पर कर्नलगंज पुलिस ने सरिता के बारे में छानबीन की। मंगलवार को प्रकरण की विवेचना कर रहे दारोगा रवींद्रनाथ यादव कानपुर देहात पहुंचे। इसके बाद रसूलाबाद थाने की पुलिस की मदद लेकर सरिता के गांव चंदनपुर पहुंचकर छापेमारी की। कई लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी सरिता अथवा उसके घरवालों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सका। मगर तस्वीर से सच्चाई का पता चल गया। पिछले सात जून को बीएसए संजय कुशवाहा ने कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी प्राप्त की। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि फोटो के मिलान से साफ हो गया है कि सरिता ही अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी।

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