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विधायकों की सुविधा बहाल तो कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ कटौती क्यों? महंगाई भत्ते की उठाई मांग

 अटेवा (आल टीचर्स इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन) ने सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की पेंशन बहाली का मुद्दा उठाया है। कहा कि कर्मियों को एरियर भी दिया जाए। इस संबंध में ऑनलाइन हुई बैठक में अटेवा के जिला संयोजक अशोक कनौजिया ने कहा कि कोरोना काल में सभी ने मेहनत से कार्य किया। अपनी जान को मुश्किल में डालकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी कराया। अब शासन स्तर पर विचार करना चाहिए कि कर्मचारियों को किस तरह प्रोत्साहित किया जाए।



अटेवा के जिला महामंत्री कमल सिंह ने कहा कि सब से पहला कदम यह हो कि डीए की बहाली की जाए। इस दौरान अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश यादव ने कहा कि संक्रमण काल में तमाम शिक्षकों व कर्मचारियों को हमने खोया। डीएम रोकना अन्य कर्मचारियों को हतोत्साहित करने जैसा कदम है।

विधायकों की सुविधा बहाल तो कर्मचारियों के साथ कटौती क्यों

ऑनलाइन बैठक में उपेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार अपने विधायकों की सुख सुविधाओं का तो पूरा ध्यान रख रही है। उनकी सुविधा में किसी तरह की कटौती नहीं हुई। आखिर कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने से पीछे क्यों हटा जा रहा है। मंहगाई दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रही है। ऐसे में कर्मचारियों के भत्ते में कटौती उचित नहीं है। इसे लेकर शिक्षकों में रोष पनप रहा है। इस दौरान सुधीर गुप्ता, सुधाकर ज्ञानार्थी, अरुण कुमार, नीलम सिंह, पुष्पलता सिंह, नरेन्द्र बहादुर सिंह, आशीष गुप्ता, दिनेश यादव, संजय पटेल आदि मौजूद रहे।

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