📰 UP Board Latest News: 876 शिक्षकों पर गिरी गाज
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए 876 शिक्षकों को परीक्षा संबंधी कार्यों से डिबार कर दिया है। इन शिक्षकों की सूची प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को भेज दी गई है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परीक्षा ड्यूटी न सौंपी जाए।
यह कार्रवाई 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
📌 किन कार्यों से रहेंगे डिबार?
डिबार किए गए शिक्षक अब—
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इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा
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बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक
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उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन
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किसी भी प्रकार की परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी
में शामिल नहीं किए जाएंगे।
📊 किस क्षेत्र में कितने शिक्षक डिबार?
बोर्ड रिकॉर्ड के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों में यह संख्या इस प्रकार है—
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प्रयागराज क्षेत्र: 241 शिक्षक
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वाराणसी क्षेत्र: 217 शिक्षक
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मेरठ क्षेत्र: 204 शिक्षक
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गोरखपुर क्षेत्र: 121 शिक्षक
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बरेली क्षेत्र: 113 शिक्षक
इसके अलावा 70 शिक्षकों को आजीवन परीक्षा कार्य से डिबार किया गया है।
⚠️ क्यों उठाया गया यह सख्त कदम?
यूपी बोर्ड ने यह निर्णय—
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परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने
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पूर्व में मिली अनियमितताओं की शिकायतों
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अनुशासनहीनता या नियम उल्लंघन के मामलों
को देखते हुए लिया है। बोर्ड का उद्देश्य है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की लापरवाही या संदेह की गुंजाइश न रहे।
🏫 DIOS को क्या निर्देश?
सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि—
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डिबार सूची का सख्ती से पालन करें
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सूची में शामिल किसी भी शिक्षक को परीक्षा कार्य न सौंपें
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उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी
🔍 शिक्षा व्यवस्था पर असर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला—
✔️ परीक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा
✔️ ईमानदार शिक्षकों का मनोबल बढ़ाएगा
✔️ छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा का भरोसा देगा
🧠 निष्कर्ष
यूपी बोर्ड का यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि परीक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में परीक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त व तकनीकी होने की संभावना है।