मऊ घोसी: शादीशुदा पुरुष से विवाह के मामले में निलंबित शिक्षिका बर्खास्त, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

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मऊ जिले के घोसी क्षेत्र से शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शिक्षा क्षेत्र घोसी के प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर में कार्यरत सहायक अध्यापिका को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से जिले भर के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई

बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी घोसी धर्मेन्द्र कुमार ने कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया। आरोपी शिक्षिका की पहचान रीना यादव पत्नी अरविन्द कुमार यादव, निवासी ग्राम व पोस्ट इंदारा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में निलंबित चल रही थीं।

क्या है पूरा मामला

रीना यादव के विरुद्ध रामप्रवेश राजभर द्वारा शिकायत की गई थी कि उन्होंने एक शादीशुदा पुरुष से विवाह किया है, जो कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 का स्पष्ट उल्लंघन है।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि—

  • रीना यादव ने अरविन्द यादव से विवाह किया

  • अरविन्द यादव की पहली पत्नी सुमन जीवित हैं

  • पहली शादी का विवाह विच्छेद नहीं हुआ था

बयान में विरोधाभास बना बर्खास्तगी की वजह

रीना यादव ने जांच के दौरान बयान दिया था कि—

“मेरी शादी वर्ष 2009 में अरविन्द यादव से हुई थी और मुझे उनकी पूर्व शादी की जानकारी नहीं थी।”

हालांकि, सत्र न्यायालय में दिए गए बयान में यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें अरविन्द यादव की पहली पत्नी के जीवित होने की जानकारी थी। इसी विरोधाभास को धोखाधड़ी माना गया।

नियमावली में क्या है प्रावधान

मुकदमे में बताया गया कि—

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 एवं 1972,
अध्याय-2, धारा-19, उपधारा-1, भाग-7, पैरा-12 के अनुसार—

“ऐसी महिला या पुरुष इस पद के लिए अयोग्य है, जिसकी एक से अधिक पत्नी या पति जीवित हो और विवाह विच्छेद न हुआ हो।”

जांच के बाद सेवा समाप्त

जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने रीना यादव को सेवा से बर्खास्त करते हुए उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शिक्षकों में हड़कंप

इस सख्त कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के बीच चिंता और चर्चा का माहौल है। विभागीय स्तर पर इसे नजीर बनाने वाली कार्रवाई माना जा रहा है।

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