अलीगढ़ शिक्षा समाचार | बेसिक शिक्षा विभाग | शिक्षक कार्रवाई यूपी
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। विभागीय जांच के बाद 9 शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि एक सहायक अध्यापिका को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से गैरहाजिर शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में सामने आया कि कई शिक्षक वर्षों से बिना सूचना के विद्यालयों से अनुपस्थित थे। बार-बार नोटिस और सार्वजनिक सूचना के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तब विभाग ने कठोर कार्रवाई की।
वर्षों से गैरहाजिर थे शिक्षक
जांच रिपोर्ट के अनुसार कुछ शिक्षक वर्ष 2019 से, कुछ 2020 और 2021 से, जबकि कुछ हाल के वर्षों में भी बिना अनुमति के विद्यालय नहीं आ रहे थे। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और पद के प्रति अरुचि माना।
निलंबन की भी हुई कार्रवाई
गौंडा ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान एक सहायक अध्यापिका हाजिरी दर्ज कर विद्यालय से अनुपस्थित पाई गईं। लगातार अवकाश आवेदन देने और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
विभाग ने क्यों लिया सख्त फैसला
शिक्षा विभाग का कहना है कि—
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कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए
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सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित की गई
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फिर भी संबंधित कर्मचारी उपस्थित नहीं हुए
ऐसी स्थिति में विभाग के पास सेवा समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में कदम
यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा।
निष्कर्ष
अलीगढ़ में हुई यह कार्रवाई उन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो लंबे समय से बिना अनुमति के अनुपस्थित रहते हैं। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।